मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ग्वालियर में अवैध रूप से चल रहे शैक्षणिक और आवासीय संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. झांसी रोड थाना क्षेत्र में AG कार्यालय के पास 'अंजुमन इस्लाह-ए-मुआशरा समिति' द्वारा संचालित 'दारुल कुरआन' नामक एक मदरसा अवैध रुप से चल रहा था. इस बात की जानकारी मिलने पर आयोग की अध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ वहां अचानक छापा मारा. जांच के दौरान टीम को मदरसे के कामकाज और बच्चों की देखभाल से जुड़ी कई गंभीर कमियां मिलीं. फिलहाल इस अवैध रूप से चल रहे मदरसे की जांच शुरू कर दी गई है.
दरअसल, गुप्त सूचना के अधार पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं.उन्होंने मदरसे की मान्यता और बच्चों से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन प्रबंधन कोई भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सका.
छापे के दौरान मदरसे से 26 बच्चों को बरामद किया गया, जबकि संस्थान के रिकॉर्ड में कुल 42 बच्चों का दाखिला दर्ज था. सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि मदरसे में रह रहे किसी भी बच्चे को सामान्य या औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं मिल रही थी. पूछताछ करने पर कुछ बच्चों ने बताया कि भले ही उनका स्कूलों में दाखिला था, लेकिन वे कभी स्कूल गए ही नहीं. इसे देखते हुए आयोग ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.
मदरसे के अवैध संचालन और बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन को देखते हुए आयोग ने इसे तुरंत बंद करने का आदेश दिया है. वहां मिले सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में रखा गया है. साथ ही, इस पूरे मामले में आगे की कानूनी और प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है.
इस बीच, ग्वालियर में मुख्यमंत्री के निर्देशों का असर दिखने लगा है. दिवाली से पहले जिला प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त कार्रवाई में ग्वालियर में कार्बाइड गन बनाने वाली एक फैक्ट्री पकड़ी गई है. सिरोल चौराहे पर स्थित मां पीतांबरा स्टील ट्रेडर्स में की गई इस छापेमारी के दौरान कुल 57 पोटाश और कार्बाइड बंदूकें जब्त की गईं. ये कार्बाइड बंदूकें खास तौर पर दिवाली के त्योहार के लिए ऑर्डर पर बनाई जा रही थीं. इसमें शामिल दुकानदार की पहचान रमन ओझा के रूप में हुई है, उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है. यह कार्रवाई सिरोल थाना क्षेत्र में SDM अतुल सिंह के नेतृत्व में की गई.
करतार सिंह राजपूत की रिपोर्ट