मध्य प्रदेश के सीधी जिले में कथित धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. धर्मांतरण की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर धर्मरक्षा समिति ने मोर्चा खोल दिया है.समिति के पदाधिकारियों और समर्थकों ने पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. इस विरोध प्रदर्शन में जनपद पंचायत अध्यक्ष और एक आदिवासी महिला सरपंच सहित सौ से अधिक पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया.
धर्मरक्षा समिति के नेतृत्व में आयोजित मार्च में शामिल लोगों ने कथित धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाई. वे अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर तरह-तरह के नारे लिखे थे. जिले में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर चिंता जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि वह इस मामले की जांच करे और प्रभावी कार्रवाई करे. समिति के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि धर्मांतरण के मामलों को पूरी गंभीरता से लिया जाए और जरूरी कदम उठाए जाएं. अपनी इस मांग को रखने के लिए प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं रखीं.
प्रदर्शन के बाद धर्मरक्षा समिति के प्रतिनिधियों ने नायब तहसीलदार परमसुख बंसल को एक ज्ञापन सौंपा. नायब तहसीलदार ने उन्हें आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी. प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीधी सिटी कोतवाली और जमोड़ी पुलिस थानों के पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे.
प्रदर्शन में धर्मरक्षा समिति के अध्यक्ष शेखर भारती, जनपद अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह और बरगांव की सरपंच फूलकली सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रशासन कथित धर्मांतरण के मामलों को गंभीरता से ले और आवश्यक कार्रवाई करे. अब सबकी नजरें प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं. यह देखना बाकी है कि धर्म रक्षा समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर अधिकारी क्या कदम उठाते हैं.
आदर्श गौतम की रिपोर्ट