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13 दिन के भीतर दूसरी बार MP आएंगे राहुल गांधी, बालाघाट में मृत आदिवासी बच्चों के परिजनों से करेंगे मुलाकात

बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के बीद राहुल गांधी 1 अक्टूबर को जिले का दौरा करेंगे. वह मृतक बच्चों के परिवारों से मिलने के लिए बैहर और बिरसा के प्रभावित इलाकों में जाएंगे.

Written By Pooja
Published: Sep 30, 2026, 07:57 AM IST | Updated: Sep 30, 2026, 08:09 AM IST
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मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी  1 अक्टूबर को बालाघाट के दौरे पर आएंगे. इस दौरान वे बैहर और बिरसा के प्रभावित आदिवासी इलाकों का दौरा करेंगे और मृत बच्चों के परिजनों से मिलेंगे. 13 दिनों के भीतर राहुल गांधी का मध्य प्रदेश का दूसरा दौरा होगा. इससे पहले, वे 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शमिल हुए थे. वहीं 17 सितंबर को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा उठाया था और बीमारी, कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार से सवाल किए थे.

अब 1 अक्टूबर को बालाघाट के दौरे के दौरान, राहुल गांधी प्रभावित गांवों में जाकर मृत बच्चों के परिजनों से मिलेंगे और जमीनी हालात का जायजा लेंगे. स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में 22 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. हालांकि, इन मौतों के कारणों की जांच में किसी एक खास बीमारी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है. बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी वजहों जैसे मलेरिया, खसरा, कुपोषण, एनीमिया, डिहाइड्रेशन और सांस की तकलीफ की पहचान की गई है.

13 दिन में दूसरा दौरा
इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार और ट्राइबल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने राज्य में आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाया था. उन्होंने बताया कि बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत मलेरिया, कुपोषण और खसरे के कारण हुई थी, लेकिन जांच के नाम पर मामले को दबाने के अलावा कुछ नहीं किया गया.

उमंग सिंघार ने उठाए सवाल
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी जमीनी हकीकत जानने के लिए मृत बच्चों के परिवारों से मिलेंगे. वे उनसे यह जानना चाहते हैं कि आदिवासी परिवारों तक सरकारी योजनाओं का फायदा क्यों नहीं पहुंचा. ये बच्चे पोषण, दलिया, मच्छरदानी और टीकाकरण जैसी जरूरी सुविधाओं से वंचित रह गए थे. प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद देने के बारे में सिंघार ने कहा कि सिर्फ मदद देना काफी नहीं है. यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि उसकी योजनाएं जरूरतमंद सभी लोगों तक पहुंचें. स्वास्थ्य मंत्री की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई और मुख्यमंत्री मोहन यादव इस मामले पर चुप रहे.

16 जून को आया था पहला मामला
बालाघाट जिले के बिरसा डेवलपमेंट ब्लॉक में बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में जून 2026 में बच्चों की मौत के मामले सामने आने लगे. इस सिलसिले में पहली मौत 16 जून 2026 को बोंडारी गांव में हुई, जहां 16 साल के बच्चे की मौत हो गई. इसके बाद, 26 जून को कोहनीमोर्टोला के 14 साल के बच्चे की मौत हुई और फिर 27 जून के बाद, बोंडारी, कुंडेक्सा, कोरका और आस-पास के दूसरे गांवों से भी बच्चों की मौत के मामले सामने आते रहे.

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पूजा सिंह एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 5 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय (हाइपरलोकल) मुद्दों की सटीक व रियल-टाइम डिजिटल कवरेज पर उनकी मजबूत पकड़ है.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद पूजा ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने Inshorts और नवभारत जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करते हुए डिजिटल जर्नलिज्म, कंटेंट क्यूरेशन और न्यूज़ डेस्क ऑपरेशंस का अनुभव हासिल किया. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देती हैं, ताकि पाठकों तक हर जरूरी अपडेट तेजी से पहुंचे.पूजा सिंह से आप Pooja1.Singh@India.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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