न तंबाकू, न शराब... हर घर में सरकारी नौकरी: देश के लिए मिसाल बना MP का यह अनोखा गांव, नहीं बिकता एक भी नशे का सामान, नीमच के 'जनकपुर' की अनूठी कहानी
मध्य प्रदेश में एक ऐसा गांव है, जहां पर हर घर में सरकारी नौकरी वाला व्यक्ति रहता है. इनमें कोई इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक से लेकर बड़े-बड़े अधिकारी होते हैं. इस गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां पर लोग नशा से बहुत दूर रहते हैं.
अक्सर आपने देखा होगा कि गांव के चौक-चौराहों पर तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट की दुकानें आसानी से मिल जाती हैं. लोग इन्हें खरीदते भी हैं और इस्तेमाल भी करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे गांव के बारे में सुना है, जहां न शराब की बोतलें नजर आती हैं, न तंबाकू की पुड़िया और न ही बीड़ी-सिगरेट का धुआं?
आज के इस दौर में नशे की लत हजारों परिवारों को बर्बाद कर रही है, वहीं मध्य प्रदेश के नीमच जिले का यह गांव नशे से दूरी की मिसाल पेश कर रहा है. सबसे खास बात यह है कि यहां के हर घर में सरकारी नौकरी करने वाले लोग मिल जाते हैं. आखिर इस गांव में ऐसा क्या है, जो लोगों को नशे से दूर रखता है? आइए, इस गांव की दिलचस्प कहानी जानते हैं.
यहां कितने परिवार मौजूद हैं
दरअसल, इस गांव का नाम जनकपुर है, जो कि जिला मुख्यालय से महज 30 किमी की दूरी पर है. इस गांव की कुल आबादी 1200 बताई जा रही है, जिसमें 900 से 950 मतदाता है. जबकि, यह 2011 की जनगणना के मुताबिक, सिर्फ 229 परिवारों में 1083 लोग रहते थे. इसकी सबसे बड़ी वजह थी कि यहां पर सभी ने अपनी इच्छा से परिवार नियोजन भी अपना रखा है.
100 फीसदी तक साक्षरता
बताया जाता है कि इस गांव में 1952 से परिवार नियोजन अपना चुके हैं. हर परिवार में दो संताने होने के बाद खुद ही परिवार नियोजन अपना लते हैं. गांव में कई परिवार ऐसे बताए जाते हैं, जिनकी दो बेटियां है, उन्होंने भी परिवार को कभी आगे नहीं बढ़ाया है. यह सब शिक्षा और बुजुर्गों की वजह से हो पाया है. इस गांव में शत-प्रतिशत साक्षरता बताई जाती है.
हर घर में सरकारी नौकरी
जनकपुर गांव की शत प्रतिशत साक्षरता के चलते हर घर में कोई न कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी कर रहा है. बताया यह भी जाता है कि यहां पर हर घर से टीचर, डॉक्टर, इंजीनियर से लेकर बड़े-बड़े अधिकारी बनकर निकलते हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, जनकपुर गांव के रहने वाले युवराज पाटीदार वर्तमान में भोपाल में राज्य जीएसटी विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हैं. यहां के रहने वाले घनश्याम पाटीदार दिग्विजय सरकार (1998-2003) में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे.