10 साल से पी रहे थे शराब, फिर आंखों के आगे छाया अंधेरा...सागर जहरीली शराब कांड के पीड़ितों ने बताई दर्दनाक आपबीती
Sagar Liquor Case: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक कुल 22 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. जबकि इससे 112 लोग बीमार बताए जा रहे हैं. हालांकि, मामले में 30 लोगों पर FIR भी दर्ज हो चुकी है. इसके अलावा, 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. वहीं शराब कांड के पीड़ितों ने ZEE News के कैमरे पर आपबीती सुनाई है.
Sagar Sharab Kand: सागर जिले में जहरीली शराब कांड मामले में लगातार बढ़ रहे मौतों के आंकड़े के बाद से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में हालात बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं. अस्पताल के अंदर जहरीली शराब पीने वाले मरीज भी भर्ती हैं, उनके परिजन अपनों की एक झलक पाने के लिए परेशान हैं. वहीं डॉक्टरों की टीमें मरीजों की निगरानी कर रही हैं, लेकिन मौतों का सिलसिला थमने का काम नहीं ले रहा है. सबसे चौंकानी बाल यह है कि कुछ मरीजों ने सरकारी शराब दुकानों के बजाय गांव-देहात में चल रहे अवैध अड्डों से शराब खरीदकर पी थी. ZEE NEWS के कैमरे पर मरीजों ने सागर गोल्ड शराब के नाम का जिक्र किया है. इतना ही नहीं उन्होंने दर्दनाक आपबीती भी बताई.
एक मरीज ने ZEE मीडिया टीम को बताया कि, शराब पीने के बाद उसे चक्कर आ रहे थे. इसके साथ-साथ आंखों से धुंधलापन दिखाई देने लगा था. मरीज ने बताया कि, ये सभी लक्षण के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. आगे बताया कि उसने शराब सरकारी दुकान से नहीं ली थी, बल्कि गांव के एक अड्डे से ली थी. वहीं दूसरे मरीज सुनील विश्वकर्मा ने भी बताया कि शराब पीने के बाद से उसकी तबीयत बिगड़ गई. सुनील ने आगे कहा कि उसने सागर गोल्ड शराब अड्डे से ली थी. सुनील ने आगे बताया कि पिछले 10 सालों से शराब का सेवन कर रहे हैं. सरकारी दुकान 5 से 6 किमी दूर होने के चलते अड्डे से शराब लेनी पड़ती थी.
22 लोगों की हुई मौत
वहीं सुनील कुमार विश्वकर्मा का कहना है कि तबीयत बिगड़ने के बाद उसे सीने में दर्द हुई. इतना ही नहीं उसकी आंखों में धुंधलापन छा गया. मरीज ने बताया कि उसे पीला-पीला दिखाई देने लगा. अस्पताल में भर्ती मरीजों के बयानों से गांव देहात में चल रहे शराब के अवैध अड्डों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. बता दें कि सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 22 तक पहुंच गई है. मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल बताए जा रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, जहरीली शराब पीने से 112 लोगों की तबीयत बिगड़ी है. इनमें से कई मरीजों को भोपाल के अस्पतालों में भी भेजा गया है.
30 लोगों पर FIR दर्ज
इस मामले में पुलिस ने अभी तक 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इनमें से 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. वहीं बंडा इलाके में संदिग्ध अमानक और अवैध शराब के सेवन से ग्रामीणों के बीमार होने और इतने लोगों की मौत मामले में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. इस जांच की जिम्मेदारी जैसीनगर एसडीएम को सौंपी गई है. अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि शराब कहां से आई है और कहां-कहां तक सप्लाई हो रही है. इसके अलावा, इसमें कौन-कौन दोषी पाया जाता है.