खेलों में MP की बेटियों जलवा, किसी ने हॉकी में तो किसी ने क्रिकेट में रचा इतिहास, जानिए इनकी कहानी
MP Women Players List: मध्य प्रदेश के छोटे-छोटे गांवों-कस्बों से निकली बेटियां विश्व स्तर पर पहचान बना रही हैं. खेल जगह के अलग-अलग खेलों में जलबा बिखेर रही महिला खिलाड़ियों की कहानी और उनकी उपलब्धियों के बारे में जानते हैं.
एक समय ऐसा था, जब मध्य प्रदेश की धरती पर बमुश्किल ही कोई महिला खेल जगत में जानी जाती थी. लेकिन अब हाल ऐसा है कि गांव-कस्बों से लेकर शहरों की बेटियां खेल की दुनिया में अपना परचम लहरा रही हैं. पड़ोसियों के ताने और समाज की तिरछी निगाहें अब बिल्कुल भी मायने नहीं रखती हैं. अब वे अपने सपनों को हकीकत में बदलना और इतिहास लिखना बखूबी जानती हैं. खेल जगत में अलग-अलग खेलों में मध्य प्रदेश की बेटियां अपना परचम लहरा रही हैं. आइए जानते हैं, कौन सी खिलाड़ी किस खेल में अपना जलबा बनाए हुए हैं. इसके अलावा, उनके संघर्ष की कहानी के बारे में भी जानते हैं.
बात करें पिछले पांच साल की तो मध्य प्रदेश हॉकी का हब माना जाने लगा है. यहां की महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. साल 2023-25 में 5 गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है. साल 2006 में मध्य प्रदेश हॉकी अकादमी की शुरुआत की गई थी. साल 2006 से लेकर 2025 तक अकादमी की 50 खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना योगदान दे चुकी हैं. अगर इन खिलाड़ियों की बात की जाए, तो इनमें सबसे पहले इशिका चौधरी का नाम आता है.
महिला हॉकी टीम में डिफेंडर
15 अप्रैल 2000 को ग्वालियर में जन्मी इशिका चौधरी एक महिला हॉकी टीम में डिफेंडर के रूप में जानी जाती हैं. इशिका ने महज 11 साल की उम्र में हॉकी खेलना शुरू किया था. इशिका चौधरी ने सब जूनियर और जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलकर अपनी पहचान बनानी शुरू की. जूनियर स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपने करियर की नींव रखी. फिटनेस और स्किल के दम पर इशिका ने सीनियर टीम के लिए खुद को तैयार किया है. इशिका को जब सीनियर भारतीय टीम में शामिल किया गया, तब उनकी जिंदगी में बड़ा संकट आया. इसी साल टीम को वूमंस हॉकी एशिया कप में ब्रॉन्ज और उप कप्तान की जिम्मेदारी संभालते हुए FIH जूनियर वर्लड कप 2022 में चौथा स्थान दिलाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई.
इशिका चौधरी की उपलब्धियां
1. 2022 में सीनियर भारतीय टीम में शामिल.
2. वूमंस हॉकी एशिया कप में उप कप्तान बनीं.
3. FIH जूनियर वर्ल्ड कप 2022 में चौथा स्थान दिलाया.
4. 2023 में टीम की डिफेंस लाइन की महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गई.
5. एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी 2023 और 2024 में टीम को गोल्ड तक पहुंचीं.
किक्रेट जगत में बेटियों की धाक
मध्य प्रदेश की बेटियों ने किक्रेट जगत में भी अपनी धाक जमाई है. पिछले पांच सालों में राष्ट्रीय और वूमंस प्रीमियर लीग में कई महिला खिलाड़ियों ने अपनी जगह बनाई. अगर बात करें महिला खिलाड़ियों की तो पूजा वस्त्रकार, क्रांति गौड़, अनुष्का शर्मा, संस्कृति गुप्ता, रायला फिरदौस समेत कई नाम शामिल हैं. इनमें पूजा वस्त्राकर और क्रांति गौड़ का नाम ज्यादा चर्चा में रहा है.
छोटा हार्दिक के नाम से मशहूर
25 सितंबर 1999 को आदिवासी बहुल जिले शहडोल में जन्मी पूजा वस्त्राकर महिला टीम की छोटा हार्दिक के नाम से मशहूर हैं. पूजा जब 10 साल की थी, तब उनकी मां का देहांत हो गया. लेकिन बचपन से ही क्रिकेट का शौक रखने वाली पूजा की शुरुआत गली में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलने से हुई. कुछ समय बाद पूजा ने स्टेडियम का रुख किया, जहां पर कोच आशुतोष श्रीवास्तव ने पूजा के हुनर को पहचाना और ट्रेनिंग दी. महज 14 साल की उम्र में एमपी की सीनियर टीम में सिलेक्ट होने के बाद उन्होंने अपना परचम लहराया.
पूजा वस्त्राकर की उपलब्धियां
1. पूजा 2018 में सीनियर भारतीय टीम का हिस्सा बनीं.
2. दक्षिण अफ्रीका में वनडे और टी-20 में डेब्यू किया.
3. एमपी सरकार ने सबसे बड़े खेल सम्मान से सम्मानित किया.
4. 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया.
5. 2022 में न्यूजीलैंड में ICC वूमंस क्रिकेट वर्ल्ड कप में पूजा का चयन.
6. पाकिस्तान के खिलाफ 62 रनों की जिताऊ पारी खेली, प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता.
7. इस टूर्नामेंट में 10 विकेट झटके थे.
8. 2022 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पारी में टूर्नामेंट का सबसे ऊंचा छक्का लगाया था.
कम उम्र में बनाई पहचान
वहीं क्रांति गौड़ ने भी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. क्रांति का जन्म छतरपुर में 11 अगस्त 2003 को है. क्रांति ने खेल जगत में शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट में लड़कों के साथ खेलने से हुई और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची. लेदर बॉल से पहला मैच खेलने के किस्से पर क्रांति बताती है कि वह बतौर दर्शक मैच देखने पहुंची थी लेकिन एक टीम में महिला खिलाड़ी कम होने पर टीम के कोच की तरफ से खेलने का ऑफर मिलने पर मैदान पर उतरीं. इसमें उन्होंने 25 रन बनाए और दो विकेट लिए और जब घर लौटीं तो उनके हाथ में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवार्ड था.
क्रांति गौड़ की उपलब्धियां
1. 2024 वनडे फाइनल में 4 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच बनीं.
2. WPL 2025 में यूपी वॉरियर्ज के लिए 6 विकेट लिए.
3. 2025 में श्रीलंका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया.
4. इंग्लैंड के खिलाफ 52 रन देकर 6 विकेट झटके थे.
5. 21 साल 345 दिन में भारत की सबसे युवा 5 विकेट हॉल वाली खिलाड़ी बनीं.
6. 2025 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा बनीं.
7. 22 साल की उम्र में मध्यप्रदेश की पहली महिला विश्व कप विजेता बनीं.
8. विश्व कप के बाद ₹1 करोड़ का पुरस्कार और सरकारी नौकरी का ऑफर मिला.
बॉक्सिंग में बेटियों का जलवा
वहीं बॉक्सिंग में भी मध्य प्रदेश की महिला खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जलबा बिखेर रही हैं. हालांकि, बॉक्सिंग में एमपी की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्टार खिलाड़ी अभी कम हैं, लेकिन प्रदेश स्तर और नेशनल चैंपियनशिप में कई खिलाड़ी उभरकर सामने आई हैं, जिनमें गोल्ड मेडलिस्ट दिव्या पवार, मंजू मनोरिया, निशा जाटव और आरती यादव के नाम शामिल हैं. दिव्या पवार ने अपने गोल्डन पंच से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. उन्होंने अपनी फिटनेस और पंचिग की बदौलत सर्बिया में इंटरनेशनल गोल्डल ग्लव्स बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल और थाईलैंड में 2018 में एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस पदक हासिल किया है. दिव्या ने 2025 में उत्तराखंड में हुए 38वें नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल और गोवा के नेशनल गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है. वहीं धार जिले की अंजली सिंह ने भी अपने दम पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. उज्जैन के खाचरौद से निकली मंजू बंबोरिया ने भी बॉक्सिंग में सनसनी मचा रखी है. मंजू महज 8 साल की उम्र से बॉक्सिंग की प्रैक्टिस कर रही है.
अलग-अलग खेलों में बेटियां
1. तीरंदाजीः मुस्कान किरार ने 18वें एशियन गेम्स में कंपाउंड टीम इवेंट में पदक जीतकर हॉकी के अलावा अन्य खेल में पदक जीतने वाली प्रदेश की पहली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया. 2021 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता और 150/150 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की.
2. कुश्तीः शिवानी ने 2021 में सर्बिया में हुई अंडर-23 अंतरराष्ट्रीय महिला कुश्ती चैंपियनशिप के 50 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा. वह इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. 2024 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में तीन बार की विश्व चैंपियन को हराकर कांस्य पदक जीता, जबकि वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
3. आदिवासी कुश्तीः मंडला की आदिवासी पहलवान चांदनी नरेटी ने मार्च 2026 में छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 62 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का दम दिखाया.