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मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) अब एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है, जिससे पूरे राज्य में मानसून जैसा मौसम बन गया है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 28, 29 और 30 अक्टूबर को इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है, खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में. विभाग ने बताया है कि 29 अक्टूबर यानी करवा चौथ के दिन इस सिस्टम का असर सबसे ज्यादा रहेगा. इस वजह से पूरे राज्य में बादल छाए रह सकते हैं और बारिश हो सकती है, जिससे चांद का दीदार करना मुश्किल हो सकता है.
मंगलवार को जबलपुर समेत 11 जिलों सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, डिंडौरी, अनुपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में आंधी और बारिश की संभावना है.
मौसम विभाग ने बताया है कि इस मौसमी प्रणाली का सबसे ज्यादा असर 29 अक्टूबर को यानी करवा चौथ के दिन देखने को मिलेगा. इस वजह से पूरे राज्य में चांद का दिखना मुश्किल हो सकता है. ताजा पूर्वानुमान के अनुसार सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भी भारी बारिश होने की संभावना है.
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, टीकमगढ़, और निवाड़ी में हल्की बारिश (बूंदा बांदी) हो सकती है.
मौसम में हो रहे इस बदलाव और बारिश की चेतावनियों के बीच पूरे राज्य में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. राज्य के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 13°C पर आ गया है, जबकि कटनी, शहडोल और बालाघाट जैसे इलाकों में भी रातें ठंडी होने लगी हैं.
मध्य प्रदेश में सक्रिय हुआ यह नया मौसम तंत्र किसानों और ठंड पसंद करने वालों के लिए तो राहत लेकर आया है, लेकिन अगले तीन दिनों में पूर्वी जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं. इस स्थिति के कारण करवा चौथ के मौके पर चांद का दीदार करने में भी बाधा आ सकती है. मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.