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Refund Scam: सिर्फ ₹15 के दही पर 98 हजार का डाका! गूगल सर्च बना काल, 1 मिनट में हो गया अकाउंट साफ

गूगल से Blinkit का फर्जी कस्टमर केयर नंबर निकालना बेंगलुरु की एक महिला को भारी पड़ गया. खराब दही का रिफंड मांगने के चक्कर में महिला के 98,000 रुपये कट गए. जानिए कैसे हुआ यह साइबर फ्रॉड और ऐसे ऑनलाइन स्कैम से खुद को सुरक्षित रखने के आसान स्टेप्स.

Refund Scam: सिर्फ ₹15 के दही पर 98 हजार का डाका! गूगल सर्च बना काल, 1 मिनट में हो गया अकाउंट साफ
Image Credit: बेंगलुरु की एक 56 साल की महिला के साथ 98,000 रुपये का फ्रॉड हुआ.

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हम सब घर का सामान मंगाने के लिए क्विक-कॉमर्स ऐप्स पर बहुत ज्यादा डिपेंड हो गए हैं. सुबह आंख खुलते ही दूध से लेकर रात को डिनर तक के लिए ग्रोसरी ऐप खोलना हमारी डेली रूटीन का हिस्सा बन चुका है. चीजें मिनटों में घर आ जाती हैं और जिंदगी बड़ी सॉर्टेड लगने लगती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस आसानी से हम ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, अगर उसमें कोई छोटा सा झोल आ जाए तो क्या होगा. मान लीजिए आपने कोई सामान मंगाया और वो खराब निकल गया, तो आप क्या करेंगे. सिंपल सी बात है, आप तुरंत रिफंड मांगेंगे या कंपनी के कस्टमर केयर से बात करने की कोशिश करेंगे. बस, यहीं से शुरू होता है असली खतरा और साइबर ठग इसी मौके की तलाश में बैठे रहते हैं.

बेंगलुरु की रहने वाली एक 56 साल की महिला के साथ सिर्फ इसलिए 98,000 रुपये का फ्रॉड हो गया क्योंकि उन्होंने 15-20 रुपये के खराब दही के पैकेट का रिफंड मांगना चाहा था. सोचिए, जिस दही की कीमत मामूली सी थी, उसके चक्कर में महिला को अपना पूरा बैंक खाता खाली करवाना पड़ गया. यह सब हुआ इंटरनेट पर गलत तरीके से कस्टमर केयर का नंबर खोजने की वजह से. अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं और कोई भी दिक्कत आने पर सीधे गूगल पर जाकर हेल्पलाइन नंबर सर्च करने की आदत रखते हैं, तो यह किस्सा आपको अंदर तक सतर्क कर देगा.

सिर्फ 15 रुपये के दही से शुरू हुई पूरी मुसीबत
यह पूरा मामला बेंगलुरु के वसंत नगर इलाके का है. यहां की रहने वाली 56 साल की एक महिला ने 17 अक्टूबर को Blinkit ऐप के जरिए घर का कुछ राशन और सामान ऑर्डर किया था. जब डिलीवरी बॉय सामान देकर चला गया और महिला ने पैकेट खोले, तो उन्होंने देखा कि दही का पैकेट पूरी तरह से फटा और खराब निकला. कोई भी इंसान ऐसी हालत में सामान देखकर यही सोचेगा कि इसे फेंकने से अच्छा है कि इसका पैसा वापस ले लिया जाए. महिला ने भी यही डिसाइड किया कि वो इस खराब दही के पैसे रिफंड करवाएंगी.

नॉर्मली किसी भी ऐप के अंदर उसकी खुद की हेल्प या सपोर्ट चैट का ऑप्शन होता है जहां जाकर कंप्लेंट दर्ज की जा सकती है. लेकिन महिला ने ऐप के अंदर जाने के बजाय सीधा रास्ता चुना और अपने फोन में गूगल क्रोम ब्राउजर ओपन कर लिया. उन्होंने गूगल सर्च बार में टाइप किया कि ब्लिंकिट का कस्टमर केयर नंबर क्या है.

गूगल सर्च पर मिला फर्जी नंबर और आया वॉट्सएप का खेल
गूगल पर सर्च करने के बाद महिला को स्क्रीन पर दो-तीन फोन नंबर दिखाई दिए. उन्होंने बिना ज्यादा दिमाग लगाए उनमें से एक नंबर पर तुरंत कॉल मिला दिया. दूसरी तरफ से फोन उठाने वाले शख्स ने बहुत ही शातिर तरीके से बात की और खुद को Blinkit का ऑफिशियल कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बता दिया. उसने महिला को बातों में ऐसा उलझाया कि उन्हें लगा कि सच में कंपनी का कोई अधिकारी उनकी मदद कर रहा है. ठग ने बड़े आराम से कहा कि मैडम आपका रिफंड तुरंत मिल जाएगा, बस आपको एक छोटा सा काम करना होगा कि जो दही खराब निकला है, उसकी फोटो हमें वॉट्सएप पर भेजनी होगी.

सिर्फ 1 मिनट में बैंक खाते से उड़ गए 98,000 रुपये
जैसे ही महिला ने वॉट्सएप लिंक के जरिए फोटो भेजी, उसके थोड़ी देर बाद ही एक दूसरे अनजान नंबर से फिर से फोन आया. इस बार कॉल करने वाले ने कहा कि आपकी रिफंड रिक्वेस्ट अप्रूव हो चुकी है और पैसे आपके बैंक अकाउंट में भेजे जा रहे हैं. उसने महिला को चेक करने के लिए कहा कि अपना Google Pay ऐप खोलकर देखिए कि पैसा आया या नहीं.

महिला ने जैसे ही अपना फोन उठाया और गूगल पे ऐप ओपन किया, उनके होश उड़ गए. स्क्रीन पर जो दिखा उस पर यकीन करना मुश्किल था. उनके बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के खाते से पैसे आने के बजाय उल्टे 98,000 रुपये कट चुके थे. पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा कांड दोपहर के 3 बजकर 15 मिनट से 3 बजकर 16 मिनट के बीच यानी ठीक एक मिनट के अंदर अंजाम दिया गया. ठगों ने इतनी सुपरफास्ट स्पीड से हाथ साफ किया कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला. हालांकि पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि क्या उस लिंक के जरिए फोन का रिमोट एक्सेस लिया गया था या फिर किसी और तरीके से पिन हथियाकर पैसे ट्रांसफर किए गए.

पुलिस थाने में शिकायत और बेंगलुरु में लगातार बढ़ते मामले
जब महिला को समझ आया कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हो गया है, तो उन्होंने बिना देर किए 23 अक्टूबर को बेंगलुरु के सेंट्रल साइबर इकोनॉमिक एंड नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और पहचान छिपाकर ठगी करने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है.

Blinkit ऐप से रिफंड लेने का एकदम सेफ और सही तरीका
अगर कभी आपके साथ भी ऐसा हो जाए कि ऑनलाइन मंगाया गया कोई सामान खराब, फटा हुआ या डैमेज निकले, तो कभी भी गूगल पर जाकर हेल्पलाइन नंबर खोजने की गलती न करें. इसके बजाय हमेशा इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

  • सबसे पहले अपने फोन में उस ऐप को ओपन करें जिससे आपने सामान मंगाया है, जैसे कि Blinkit.
  • ऐप के होमपेज पर अपनी प्रोफाइल या नीचे दिए गए 'Help' या 'Customer Support' वाले सेक्शन में जाएं.
  • इसके बाद 'My Orders' पर क्लिक करें और उस पर्टिकुलर ऑर्डर को सेलेक्ट करें जिसमें आपको दिक्कत आई है.
  • अब वहां आपको 'Need Help' या 'Raise a Complaint' का बटन दिखेगा, उस पर टैप करें.
  • इसके बाद स्क्रीन पर आ रहे ऑप्शन के मुताबिक अपनी प्रॉब्लम बताएं और खराब सामान की फोटो वहीं ऐप के अंदर अपलोड कर दें.
  • ऐप का इन-बिल्ट चैट सपोर्ट सिस्टम खुद ब खुद आपकी बात सुनेगा और आपका पैसा आपके ओरिजिनल पेमेंट सोर्स या वॉलेट में सेफली रिफंड कर देगा.

इन जरूरी बातों का रखें ध्यान ताकि कभी न हो साइबर फ्रॉड

वॉट्सएप के अनजान लिंक्स से तौबा करें: अगर कोई बंदा आपको कॉल करके वॉट्सएप पर कोई लिंक भेजता है और कहता है कि इस पर क्लिक करके फॉर्म भरो या फोटो भेजो, तो समझ लीजिए कि वह पक्का कोई ठग है.

UPI PIN और पासवर्ड भगवान मानकर गुप्त रखें: इस बात को अपने दिमाग में बैठा लीजिए कि दुनिया में ऐसा कोई नियम नहीं है जहां पैसा पाने (Refund) के लिए आपको अपना UPI PIN डालना पड़े. पिन सिर्फ तब डलता है जब आपको किसी को पैसे भेजने हों.

पेमेंट अप्रूवल रिक्वेस्ट को तुरंत रिजेक्ट करें: अगर रिफंड के नाम पर आपके गूगल पे, फोनपे या पेटीएम पर कोई भी ऐसी रिक्वेस्ट आती है जिसमें आपसे पैसे भेजने के लिए अप्रूवल मांगा जा रहा है, तो उसे तुरंत डिक्लाइन या कैंसिल कर दें.

फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें: अगर कभी भगवान न करे आपके साथ ऐसा कोई हादसा हो जाए, तो एक सेकंड की भी देरी किए बिना तुरंत अपने बैंक को कॉल करके अकाउंट ब्लॉक करवाएं. इसके बाद भारत सरकार के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या फिर cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें.

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About the Author

Mohit Chaturvedi

Mohit Chaturvedi

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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