अगर आपके भी घर में छोटे-छोटे बच्चे या फिर बुजुर्ग रहते हैं, तो बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है. क्योंकि आपके गांव, गली-मोहल्ले में टहलने वाले आवारा कुत्तों ने लोगों के नाक में दम करके रखा है. आए दिन बच्चों-बुजुर्गों को अपना शिकार बना लेते हैं. ऐसे ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर तक जो आंकड़े सामने आए हैं, वह बहुत ही चौंकाने वाला है. क्योंकि भोपाल में महज 20 दिन के अंदर 800 लोगों को शिकार बनाया है, जबकि इंदौर में 60 दिनों के अंदर 8 हजार से ज्यादा लोग आवारा कुत्तों के निशाने पर आए हैं.
हाल ही में भोपाल में आवारा कुत्तों ने 8 साल के मासूम इब्राहिम को निशाना बना लिया. कुत्तों ने उसके चेहरे को बुरी तरह नोच डाला. गनीमत रही कि बच्चे की जान बच गई, हालांकि उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं. घायल इब्राहिम को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी सर्जरी की गई. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है. इसके साथ ही कई सवाल भी उठ रहे हैं. आखिर लोगों को आवारा कुत्तों के खौफ से कब निजात मिलेगी? इन कुत्तों पर नियंत्रण के लिए की जा रही शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग ठोस कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?
भोपाल में 8 साल का बच्चा शिकारमिली जानकारी के मुताबिक, भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में नूर महल के पास लाल मस्जिद रोड पर 16 अक्टूबर की शाम एक आवारा कुत्ता घर में घुस गया. जहां 8 साल के इब्राहिम पर हमला कर दिया. दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले इब्राहिम का चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया. खून से लथपथ बच्चे को तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उसकी सर्जरी की गई. भोपाल ही नहीं, इंदौर समेत मध्य प्रदेश के दूसरे शहरों में भी डॉग बाइट के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं.
भोपाल
1. 20 दिन में 800 से ज्यादा लोगों को काटा
2. एक साल में कुल 16,049 डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं.
इंदौर
1. जुलाई-अगस्त 2026 यानी 60 दिनों में 8142 मामले स्वास्थ्य विभाग ने दर्ज किए हैं.
2. पिछले एक साल में 57,114 डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं.
शाजापुर के मुगलपुरा और जमातखाना इलाके में आवारा कुत्तों ने 7 लोगों को अपना शिकार बनाया है. इन सभी घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है. जहां पर उनका उपचार किया जा रहा है. इन घायलों में एक पांच साल की बच्ची अमाईजा भी शामिल है, जो घर के बाहर खेल रही थी. इसी दौरान कुत्तों ने हमला कर दिया. इसके अलावा, विनोद कल्याणी, रोहित, जितेंद्र, वेदांश, दिलीप, जैनब, मोहम्मद लतीफ और पूजा समेत अन्य लोगों को भी कुत्ते के काटने के बाद इलाज किया जा रहा है.
आवारा कुत्ते किसे बनाते हैं शिकारआंकड़ों के हिसाब से पता चला है कि सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को शिकार करते हैं. इंदौर में अगस्त महीने में 634 लोगों को शिकार बना चुके हैं. इनके साथ ही बुजुर्गों को भी टारगेट करते हैं. गलियों खेलने वाले बच्चे और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर RWA और स्थापनीय प्रशासन की जिम्मेदारी होती है.
पहली वजहः लोग शिकायत करते हैं, लेकिन उसका तुरंत समाधान नहीं कराया जाता है. भोपाल के वार्ड-9 के लोगों का दावा है कि इलाके में 50-60 कुत्तों का झुंड घूमता रहता है. इन कुत्तों ने सिर्फ 5 दिनों में 15 स ज्यादा लोगों पर हमला किया है. थाने, नगर निगम, पार्षद से लेकर विधायक तक शिकायत करने के बावजूद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है.
दूसरी वजहः नगर निगम के नसबंदी अभियान और एंटी रेबीज नियंत्रण के दावों की जमीनी हकीकत
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शाजापुर जिला अस्पताल के डॉक्टर विशाल पाटीदार ने बताया कि कुत्ते के काटने वाली जगह को साबुन या पानी से कम से कम 10-15 मिनट तक अच्छी तरह से धो लें. इससे कुत्ते के मुंह से निकलने वाली लार और वायरस-बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं. अगर घाव या खरोंच ज्यादा हो जाता है तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टर को दिखाएं. साथ ही रेबीज से बचने के लिए 24 घंटे के अंदर एंटी-रेबीज वैक्सीन जरूर लगवा लें.
कुत्ते के काटने पर क्या न करें?डॉक्टर विशाल पाटीदार ने बताया कि कुत्ते के काटने वाली जगह पर कभी भी मिर्च, हल्दी, तेल या चूना जैसी चीजें बिल्कुल न लगाएं. अगर आप पानी से धो रहे हैं, तो उसे सीधे हाथों से न रगड़ें. इसे सिर्फ बहते पानी और साबुन की तेज धार से ही साफ करें.