MP के किसानों के लिए बड़ी खबर: 3 अक्टूबर से शुरू होगा सोयाबीन उपार्जन पंजीयन, ₹ 1 भेजकर होगा बैंक खातों का सत्यापन
मध्य प्रदेश में इस साल भी सोयाबीन की खरीदी भावांतर योजना के तहत होगी. किसानों के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन 3 से 17 अक्टूबर तक चलेगा. पंजीयन के दौरान आधार से जुड़े बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा.
मध्य प्रदेश में सोयाबीन उगाने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर है. राज्य सरकार इस साल फिर से भावान्तर योजना के तहत किसानों से सोयाबीन खरीदेगी. भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन बेचने वाले किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीखें तय कर दी गई हैं. किसान 3 अक्टूबर से ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगी. रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान के आधार से जुड़े बैंक अकाउंट की जांच की जाएगी. पेमेंट प्रोसेस को टेस्ट करने के लिए, मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम ई-उपार्जन पोर्टल के जरिए किसान के अकाउंट में 1 रुपए ट्रांसफर करेगा. यह रकम अकाउंट में जमा होने के बाद ही सोयाबीन की खरीद के पेमेंट के लिए बैंक अकाउंट को वेरिफाइड माना जाएगा.
किसान ई-उपार्जन पोर्टल पर तय प्रक्रिया के जरिए सरकारी स्तर पर सोयाबीन बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे. इसके लिए जिलों में तय रजिस्ट्रेशन सेंटरों पर जरूरी इंतजाम किए गए हैं. यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से मुफ्त होगा. किसान ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील ऑफिस में बने फैसिलिटेशन सेंटरों के साथ-साथ कोऑपरेटिव सोसायटियों और कोऑपरेटिव मार्केटिंग संगठनों द्वारा चलाए जा रहे सेंटरों पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. भावान्तर योजना के तहत, अगर सोयाबीन को तय मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) से कम कीमत पर खरीदा जाता है, तो राज्य सरकार अंतर की रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर करेगी. उप-किरायेदारों, बटाईदारों, कोटवारों और वन पट्टाधारी किसानों का रजिस्ट्रेशन सिर्फ सहकारी समितियों में ही किया जाएगा. राजस्व विभाग इन रजिस्ट्रेशन का 100 प्रतिशत सत्यापन करेगा.
यहां भी करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
हालांकि, तय रजिस्ट्रेशन सेंटर्स के अलावा, MP ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) कियोस्क, लोक सेवा केंद्रों और प्राइवेट साइबर कैफे में भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. इस सर्विस के लिए हर रजिस्ट्रेशन पर 50 रुपए या उससे ज्यादा फीस लगेगी. रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों के पास जमीन से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और फोटो वाला कोई दूसरा पहचान पत्र होना जरूरी है. पेमेंट मिलने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए बैंक अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करना भी जरूरी है.
20 लाख टन सोयाबीन खरीदी का अनुमान
साल 2025-26 में, 7.10 लाख किसानों ने भावांतर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया. इस योजना के तहत 16.95 लाख टन सोयाबीन की खरीद की गई और 1,476 करोड़ का भुगतान किया गया. मौजूदा साल के लिए अनुमान है कि 7 लाख से 10 लाख किसान रजिस्ट्रेशन कराएंगे और लगभग 20 लाख टन सोयाबीन की खरीद की जाएगी.
गड़बड़ी रोकने की कवायद
सोयाबीन की फसल में गड़बड़ी को रोकने के लिए, रजिस्ट्रेशन और उपज बेचते समय किसानों के आधार कार्ड का वेरिफिकेशन किया जाएगा. यह वेरिफिकेशन प्रोसेस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजकर या बायोमेट्रिक डिवाइस का इस्तेमाल करके किया जाएगा. इसके अलावा, सभी किसानों को रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के बारे में जानकारी देने के लिए टेक्स्ट मैसेज भेजे जाएंगे.