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सरकारी रौब...फर्जी जांच...डॉक्टरों से अवैध वसूली, मंडला में फर्जी अधिकारियों का लूट का अनोखा खेल

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में पुलिस ने डॉक्टरों-क्लिनिकों से रुपए ऐंठने वाले गिरोह के चार लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं आरोपियों से एक मध्य प्रदेश शासन लिखी गाड़ी भी बरामद की है.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 10, 2026, 08:15 PM IST | Updated: Oct 10, 2026, 09:02 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
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मंडला जिले में फर्जी चिकित्सा अधिकारी बनकर डॉक्टरों और क्लिनिक संचालकों को लूटने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. आरोपी पर मध्य प्रदेश शासन लिखे बोलेरो वाहन से क्लिनिकों पर पहुंचते थे. फिर जांच के नाम पर संचालकों पर दबाव बनाकर हजारों रुपये ऐंठकर फरार हो जाते थे. इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब आरोपियों ने नैनपुर के एक डॉक्टर से 20 हजार रुपये लूट लिए.

दरअसल, नैनपुर के मक्के गांव निवासी डॉक्टर युवराज ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी. शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मध्य प्रदेश शासन लिखा बोलेरो वाहन भी जब्त किया है. पूछताछ में आरोपियों ने जिले के अलग-अलग इलाकों में इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है.

आरोपियों ने कहां-कितने रुपए ऐंठे
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने ग्राम डिठोरी में भी एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा, जहां से 12 हजार रुपये लेने की बात सामने आई है. इसके अलावा, जामगांव की एक क्लिनिक से एक हजार रुपये लेने की जानकारी मिली है. इतना ही नहीं, पूछताछ में तीन दिन पहले बिछिया क्षेत्र के घुटास में भी दो क्लिनिक पर छापा मारने की बात बताई. यहां एक क्लिनिक से 14 हजार और दूसरी से 4 हजार रुपये ऐंठे.

कितनी जगहों पर बनाया निशाना?
कुल मिलाकर, पुलिस पूछताछ में 5 जगहों पर वसूली की बात सामने आई है. जिसमें कुल 51 हजार रुपए की रकम बताई गई है. फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों से आगे भी पूछताछ कर रही है. अब जांच का विषय यह है कि इस गिरोह ने जिले में और कितने डॉक्टर व क्लिनिक हैं, जिन्हें निशाना बनाकर लूट की है. इसके अलावा, यह भी जानकारी ली जा रही है कि इस पूरे खेल के पीछे कौन-कौन शामिल है.  

आरोपियों ने क्या किया खुलासा?
एसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि, नारायणपुर थाना इलाके से चार लड़कों ने एक गाड़ी किराए पर ली थी. उस पर मध्य प्रदेश शासन लिखकर अलग-अलग इलाकों में बीएमएस की डिग्री लेकर डॉक्टर प्रैक्टिस करते हैं, उनको धमकाने का इनका प्लान बनाया था. उन्होंने आगे बताया कि दो-तीन जगह पहले यह लोग घूमे. उसके बाद लगभग पांच जगहों पर मेडिकल संचालकों को निशाना बनाया. इनमें जामुगांव, डटोरी में दो जगह, नैनपुर, घुटास में दो जगह शामिल हैं.

कहां के रहने वाले हैं आरोपी?
एसपी राजेश रघुवंशी का कहना है कि पुलिस को जैसे ही सूचना प्राप्त हुई. वैसे ही पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने बताया कि इनमें दो लड़के सिद्धांत और समीर पटेल हड़गांव के रहने वाले हैं. एक भूपेंद्र बैरागी, मंडला का रहने वाला है. इसके अलावा, एक अन्य फरार आरोपी शिवानंद टांडिया, जोकि मंडला का रहने वाला है. पुलिस ने मध्य प्रदेश शासन लिखा वाहन भी जब्त कर लिया है.

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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