मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां मजदूरों को ले जा रही एक पिकअप देर रात करीब 2:00 बजे अनियंत्रित होकर पलट गई. इस हादसे में कुल 41 मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से 14 की हालत गंभीर बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, ये मजदूर भोपाल में फसल कटाई का काम पूरा करने के बाद सतना जिले के मैहर अपने घर लौट रहे थे.
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. सभी घायलों को दमोह के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल 10 लोगों को हिंडोरिया के सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है. दरअसल भोपाल से फसल कटाई करने के बाद मजदूर अपने घर सतना जिले के मैहर वापस जा रहे थ. इसी दौरान दमोह-कटनी स्टेट हाईवे पर बांदकपुर टोल प्लाजा के पास उनकी पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई. गाड़ी में लगभग 45 लोग सवार थे. हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों के लिए बचाव अभियान चलाया.
घायलों में से 32 मरीजों को हिंडोरिया सिविल अस्पताल भेजा गया, जबकि 9 मरीजों को दमोह जिला अस्पताल लाया गया. हिंडोरिया भेजे गए मरीजों में से 5 को बाद में दमोह जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. इस तरह, फिलहाल 14 मरीजों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि 10 गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज हिंडोरिया अस्पताल में हो रहा है. इसके अलावा 27 मजदूरों को शुरुआती इलाज के बाद अस्पताल में ही रखा गया है. जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के अनुसार, घायलों को इलाज तो दिया गया है, लेकिन उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. वहीं, स्थिति को संभालने के लिए पुलिस मौके पर पहुंच गई है और हादसे की जांच की जा रही है.
इस बीच, बीती रात रतलाम में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया. लेकिन, रेलवे क्रॉसिंग पर हुई इस घटना में एक कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. यह घटना रतलाम के बंजली बाईपास रेलवे क्रॉसिंग पर हुई. बताया जा रहा है कि चेतावनी सायरन बजने और रेलवे गेट बंद होने के बावजूद, ड्राइवर प्रणव उपाध्याय ने जल्दबाजी में अपनी कार को पटरियों पर चढ़ा दिया. इसी दौरान दूसरी तरफ का बैरियर भी बंद हो गया, जिससे कार पटरियों पर ही फंस गई.चालक के अनुसार, उसने रेलवे कर्मचारी से गेट खोलने की विनती की लेकिन गेट नहीं खुला. तभी रतलाम से जावरा की ओर जा रही हिसार-वलसाड पैसेंजर ट्रेन वहां आ पहुंची. खतरा भांपते हुए चालक तो कार से बाहर निकलने में कामयाब रहा, लेकिन ट्रेन कार से टकरा गई. गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार पहले से ही कम थी और लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.