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भोपाल के कटारा हिल्स में लाहरपुर इकोलॉजिकल पार्क के पास तेंदुए के देखे जाने की खबरों के बाद शहरी इलाके में दहशत फैल गई है. यह पहली बार है जब कोई तेंदुआ शहर के इतने करीब आया है. वन विभाग की टीमें 20-25 किलोमीटर के दायरे में तलाशी अभियान चला रही हैं और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 10-12 जगहों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं. सुरक्षा के लिहाज से पार्क में सुबह और शाम की सैर पर रोक लगा दी गई है. आस-पास की हाउसिंग सोसायटियों और गांवों में सार्वजनिक घोषणाएं करके लोगों को सतर्क रहने और रात में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.
कैमरों से ट्रैक करने में जुटा वन विभाग
तेंदुए का अभी तक पता नहीं चल पाया है. वन विभाग ने रात में उस पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए इकोलॉजिकल पार्क में सुबह-शाम की सैर पर रोक लगा दी गई है और आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है. वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर अलग-अलग जगहों पर उसकी तलाश कर रही है.
लोगों में डर का माहौल
रिटायर्ड IAS अधिकारी और अरविंद विहार सोसाइटी के अध्यक्ष संजीव दीक्षित ने बताया कि निवासियों को सलाह दी गई है कि वे पार्क में न जाएं और रात में तभी बाहर निकलें जब बहुत जरूरी हो. आस-पास की सोसाइटियों के WhatsApp ग्रुप्स के जरिए लगातार अपडेट शेयर किए जा रहे हैं और पुलिस व वन विभाग से भी जानकारी ली जा रही है. लहारपुर के निवासी जितेंद्र परमार ने कहा कि पिछले दो दिनों से तेंदुए के होने की खबरों से लोग डरे हुए हैं और रात में बाहर निकलने से बच रहे हैं. पार्क बंद होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है.
वन विभाग ने लोगों से की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय इकोलॉजिकल पार्क के पीछे वाले इलाके में न जाएं. अधिकारियों के मुताबिक, जानकारी मिलने के बाद से ही लगातार निगरानी की जा रही है और कैमरा फुटेज व अन्य संकेतों की मदद से तेंदुए का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं. समरधा रेंज के रेंजर ने बताया कि टीमें अलग-अलग जगहों पर नजर रख रही हैं. लोगों को सावधान करने के लिए सार्वजनिक घोषणाएं की जा रही हैं ताकि कोई भी तेंदुए के पास जाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करे. एक रेस्क्यू टीम भी तैनात की गई है और तेंदुए की सही लोकेशन पता चलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी नजर आ चुके हैं
बता दें कि शहर से सटे इलाकों जैसे केरवा, कालियासोत, मेंडोरा, 13 शटर और दानिश पहाड़ी में पहले भी बाघों की मौजूदगी की खबरें आई हैं. वहां एक बाघिन को उसके बच्चों के साथ भी देखा गया था.