बजरंगबली की जिद के आगे फेल हो गया प्रशासन! उज्जैन में नहीं हटेगी खड़े हनुमान जी की प्रतिमा
Ujjain News: उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को हटाने के मुद्दे पर हुए कड़े विरोध के बाद जिला प्रशासन को पीछे हटना पड़ा. बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन ने कहा है कि भक्तों की भावनाओं और आस्था का पूरा सम्मान किया जाएगा और उनकी सहमति के बिना मूर्ति को नहीं हटाया जाएगा.
उज्जैन के चमत्कारिक खड़े हनुमान मंदिर पर आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है. मंदिर को हटाने की कार्रवाई के विरोध में बुधवार सुबह से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं. दोपहर तक माहौल भक्तिमय हो गया, जब अलग-अलग संगठनों ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया. मौके पर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, महामंडलेश्वर, सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस विधायक समेत सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे और हनुमान जी के जयकारे लगाए. भक्तों ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ न किया जाए और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान किया जाए. भक्तों का कहना है कि जब खुद हनुमान जी अपने स्थान से हटने को तैयार नहीं हैं, तो प्रशासन को अपनी जिद छोड़कर मंदिर को यहीं बना रहने देना चाहिए. लगातार बढ़ते जनाक्रोश और जनभावनाओं को देखते हुए आखिरकार इस विवाद में प्रशासन को झुकना पड़ा.
उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर के सामने प्रशासन झुका
जिला प्रशासन ने एक प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की भावना के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा. किसी की भी आस्था को ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी. मंदिर व प्रतिमा अन्य जगह स्थापना का कार्य बगैर सहमति के नहीं होगा.इस संबंध में प्रशासन की ओर से बकायदा एक बयान भी जारी किया गया.
मूर्ति के सामने हनुमान चालीसा का पाठ
आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज अपने समर्थकों और गुरुकुल के छात्रों के साथ मंदिर पहुंचे. गुरुकुल के छात्रों ने एक साथ मिलकर मूर्ति के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया. महामंडलेश्वर ने कहा कि 'खड़े हनुमान की मूर्ति यहां 200 सालों से है और यहीं रहेगी. जिन लोगों को अपनी कुटिल बुद्धि के अनुसार प्रयास करना था उन्होंने कर लिया और हनुमान जी ने खुद जवाब दे दिया है. सभी मशीनरी फेल हो चुकी है. इंजीनियरिंग फेल हो चुकी है. हनुमान जी ने अपना स्वरूप दिखा दिया है हमारा यही कहना है की प्रतिमा को ना छेड़ जाए यही रखा जाए'.
कांग्रेस विधायक समर्थकों के साथ पहुंचे मंदिर
कांग्रेस विधायक महेश परमार और दिनेश जैन बॉस सैकड़ों समर्थकों के साथ रैली निकालकर खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे. वहां, ढोल-नगाड़ों की आवाज और केसरिया झंडे लहराते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने "जय श्री राम" के नारे लगाए. दोनों कांग्रेस विधायकों की अगुवाई में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया. कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा, "हमने खड़े हनुमान के दर्शन किए हैं. हमारी एक ही मांग है कि जनता जनार्दन की धार्मिक भावना का ध्यान रखा जाए. भावना को ठेस नहीं पहुंचाई जाए. जनता नहीं चाहती है की प्रतिमा हटें. संभाग आयुक्त , एसपी, कलेक्टर, निगम आयुक्त सभी नोसिखिये अधिकारी हैं. सभी हनुमान अंश मूवी देखें. इस मूवी में बताया गया है कि यदि भावना आहत होती है तो अमंगल होता है नाश होता है."
बगैर सहमति नहीं हटेगी प्रतिमा- प्रशासन
इधर, जिला प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया भक्तों की भावना का ध्यान रखा जाएगा, एसडीएम एल एन गर्ग ने बयान जारी कर कहा कि खड़े हनुमान जी से संबंधित विषय में प्रशासन सभी श्रद्धालुओं एवं नागरिकों की भावनाओं और आस्था का पूर्ण सम्मान करता है. सभी संबंधित पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखे बिना कोई भी निर्णय अथवा कदम नहीं उठाया जाएगा. सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य महत्वपूर्ण हैं, साथ ही उज्जैन की आस्था और विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशासन श्रद्धालुओं एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद कर सर्वसम्मत समाधान निकालेगा.