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100 साल बाद 'कान्हा' में बसेगा जंगली भैंसों का कुनबा, सीएम मोहन यादव ने बड़े बाड़े में छोड़ा

मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में करीब 100 साल बाद जंगली भैंसों को फिर बसाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने असम से लाए गए आठ जंगली भैंसों को बड़े बाड़े में छोड़ा.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 11, 2026, 10:49 PM IST | Updated: Oct 11, 2026, 10:52 PM IST
Image Credit: Zee News
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मध्यप्रदेश के जंगलों के लिए 11 अक्टूबर आज का दिन ऐतिहासिक है. करीब 100 साल बाद कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर जंगली भैंसों की बसाहट का सपना साकार होता नजर आ रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव कान्हा के सूपखार रेंज पहुंचे, जहां उन्होंने आसाम से लाए गए जंगली भैंसों का दीदार किया.

इसके बाद मुख्यमंत्री ने इन भैंसों को छोटे बाड़ों से निकालकर बड़े बाड़े में छोड़ा, जहां अब ये प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे. वन्यजीव संरक्षण की दिशा में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

जीवित करने की ऐतिहासिक पहल
यहां सिर्फ जंगली भैंसों की रिहाई नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के जंगलों में करीब 100 पुरानी वन्यजीव विरासत को फिर से जीवित करने की ऐतिहासिक पहल है. कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार रेंज में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आसाम से लाए गए जंगली भैंसों को बड़े बाड़े में छोड़ा. अब ये विशालकाय वन्यजीव अपने अनुकूल वातावरण में स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे.

कभी थी जंगली भैंसों की मौजूदगी
दरअसल, कभी मध्यप्रदेश की धरती पर भी जंगली भैंसों की मौजूदगी हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ ये यहां से विलुप्त हो गए. कान्हा की जैव विविधता और अनुकूल प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए इन्हें फिर से यहां बसाने की योजना बनाई गई.

8 जंगली भैंसों को छोड़ा गया
इसी अभियान के तहत 28 अप्रैल को आसाम से आठ जंगली भैंसों को कान्हा लाया गया था. कई महीनों तक अनुकूल वातावरण में रखने के बाद अब इन्हें बड़े बाड़े में छोड़ा गया है. उम्मीद है कि आने वाले समय में कान्हा के जंगलों में इनकी आबादी बढ़ेगी और इनका कुनबा फिर आबाद होगा.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का आभार जताया. उन्होंने कहा कि जंगली भैंसों को कान्हा में फिर से स्थापित करने का यह अभियान का दूसरा चरण है.

इकोसिस्टम की दिशा में काम
मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश में वन्यजीवों को उनके अनुकूल इकोसिस्टम उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. बीते दिनों नौरादेही में चीतों को छोड़ने के बाद अब कान्हा में जंगली भैंसों को खुले वातावरण में विचरण का अवसर देना इसी प्रयास की अगली कड़ी है.

पूरी दुनिया में पहचान बन रही
मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व की पहचान पूरी दुनिया में है. यहां वन्यजीवों की कई अद्भुत प्रजातियां मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन्यजीवों के संरक्षण और उनके अनुकूल आवास विकसित करने के साथ ही मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं.

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About the Author

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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