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मध्य प्रदेश के खंडवा में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्का जी के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसानों ने कलेक्टर को ही सीधे ज्ञापन सौंपने की जिद की. लंबे इंतजार के बाद भी जब कलेक्टर उनसे नहीं मिले, तो उनका गुस्सा भड़क उठा. हालांकि सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर किसानों के पास पहुंचे और ज्ञापन लेने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे. इसके बाद किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एक कुत्ते को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
किसानों ने कुत्ते को सौंपा ज्ञापन
दरअसल, यह मामला खंडवा जिला कलेक्टर कार्यालय का है, जहां किसान अपनी कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने के लिए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले इकट्ठा हुए थे. वे चाहते थे कि कलेक्टर खुद आकर ज्ञापन लें, क्योंकि वे अपनी शिकायतें सीधे उनसे बताना चाहते थे. काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आए, तो किसानों का गुस्सा बढ़ गया. उन्होंने साफ कह दिया कि वे किसी और अधिकारी को ज्ञापन नहीं सौंपेंगे. जब स्थिति तनावपूर्ण हो गई, तो सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर किसानों के पास पहुंचे और मामले पर बातचीत करने और ज्ञापन लेने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे. इसके बाद उन्होंने प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करने का एक अनोखा तरीका अपनाया. सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उन्होंने अपना ज्ञापन एक कुत्ते को सौंप दिया.
अधिकारियों के पास शिकायतें सुनने का समय नहीं
किसानों ने कहा कि अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे, इसलिए वे इस तरह से विरोध दर्ज कराकर प्रशासन तक अपनी शिकायतें पहुंचाएंगे. राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्का जी ने कहा कि किसानों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं. उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रशासनिक अधिकारियों के पास किसानों की शिकायतें सुनने का समय नहीं है, तो जल्द ही ऐसे अधिकारियों के खिलाफ एक अभियान चलाया जाएगा.
किसानों ने दी चेतावनी
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया और कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपना विरोध-प्रदर्शन और तेज कर देंगे. इस बीच किसानों का ये अनोखा विरोध-प्रदर्शन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.