MP में 'फर्जी अफसरों' की बाढ़! नीली-लाल बत्ती, फर्जी लेटरहेड और रौब... जानिए क्यों बार-बार छला जा रहा प्रशासनिक तंत्र?
Indore News: इंदौर में पुलिस ने 28 साल के हिमांशु पांचाल को फर्जी IAS बनकर रौब जमाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. उसने अपने मकान के बाहर IAS RAJ SONI–District Collector की एक फर्जी नेम प्लेट लगाई थी. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच कर रही है.
मध्य प्रदेश में फर्जी IAS अधिकारियों का नेटवर्क बढ़ता ही जा रहा है. ताजा मामला इंदौर के लसूड़िया का है, जहां पुलिस ने 28 साल के हिमांशु पांचाल को गिरफ्तार किया है. मूल रूप से अहमदाबाद का रहने वाला हिमांशु खुद को IAS RAJ SONI District Collector बताता था. उसने अपने किराए के घर पर एक फर्जी नेमप्लेट लगा रखी थी और एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी होने का दिखावा करके अपना रौब जमाता था. पूछताछ के दौरान वह कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया.
ऐसे हुआ खुलासा
जांच में खुलासा हुआ कि हिमांशु ओमैक्स सिटी-1 में किराए के घर में रह रहा था और उसने इंदौर के एक फाइव-स्टार होटल में ड्राइवरों और कम्युनिटी के सदस्यों के लिए एक पार्टी रखी थी. एक बड़े अधिकारी का दिखावा करते हुए, उसने बाद में बिल चुकाने का वादा किया और स्टाफ से कहा, मेरा PA दो घंटे के अंदर बिल का पेमेंट कर देगा. लेकिन दो घंटे बीत जाने के बाद भी बिल का पेमेंट नहीं हुआ. जिसके बाद शक होने पर होटल मैनेजमेंट ने पुलिस को मामले की जानकारी दी. जब पुलिस ने शिकायत की जांच करते हुए हिमांशु का पता लगाया, तो फर्जी कलेक्टर बनकर लोगों को धोखा देने की उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया.
मकान से फर्जी IAS नेम प्लेट जब्त
आरोपी के खिलाफ लसूडिया पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि वह IAS ऑफिसर नहीं है. उसके घर से एक नकली IAS नेमप्लेट, एक फोटो फ्रेम और भ्रामक चीजें ज़ब्त की गईं. आरोपी मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला है और गुजरात के अडालज पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ पहले से ही एक मामला दर्ज है. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच कर रही है.
MP में 'फर्जी अफसरों' की बाढ़!
बता दें कि मध्य प्रदेश में फर्जी IAS पकड़े जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है. प्रदेश में नीली-लाल बत्ती लगी कार, 'भारत सरकार' लिखी गाड़ियां और फर्जी लेटरहेड के जरिए प्रशासनिक तंत्र को छलने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. इंदौर के हिमांशु पांचाल से पहले सबसे चर्चित मामला भोपाल/अशोकनगर की तृप्ति सिंह राजपूत का रहा. तृप्ति ने खुद को IAS और मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी की. उस पर 39.17 लाख, 49 लाख और 9.80 लाख की ठगी के 4 अलग-अलग FIR दर्ज हैं. पुलिस ने उसके पास से भारत सरकार लिखी Innova कार और CBI का फर्जी ID कार्ड भी जब्त किया था.
IAS बनकर मंत्रालय में घुस गया था युवक
इसी तरह 2025 में योगेंद्र सिंह चौहान नाम का युवक सीधे वल्लभ भवन स्थित मंत्रालय में घुस गया था. उसने खुद को 2019 बैच का IAS और इंदौर में पदस्थ SDM बताया और ट्रांसफर के लिए दबाव बनाने लगा था. तब असली IAS अधिकारी अजय कटेसरिया ने उसकी पोल खोलकर उसे सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर दिया था. इसके अलावा नरसिंहपुर के वीर सिंह राजपूत का मामला भी सुर्खियों में रहा, जिसने खुद को कभी IAS तो कभी IPS बताकर एक महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया और हाईकोर्ट में फर्जी दस्तावेज तक पेश कर दिए थे.