SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

Explainer: गरीब बेटियों की शादी के पैसे से अमीर बना CEO? 30.18 करोड़ का घोटाला, जानिए क्या है विवाह सहायता योजना और कितना मिलता है पैसा

Explainer: मध्य प्रदेश की सिरोंज जनपद पंचायत में विवाह सहायता योजना के तहत ₹30.18 करोड़ का बड़ा घोटाला सामने आया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में सस्पेंड किए गए CEO शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है. ऐसे में चलिए जानते हैं, क्या है विवाह सहायता योजना और कितना मिलता है पैसा?

Written By Ranjana Kahar
Published: Sep 06, 2026, 01:37 PM IST | Updated: Sep 06, 2026, 02:46 PM IST
Image Credit: AI जनरेटेड फोटो
Join

सरकार गरीब और मजदूर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक मदद देती है, ताकि उन पर आर्थिक बोझ कम हो सके. लेकिन मध्य प्रदेश के विदिशा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इस कल्याणकारी योजना पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. सिरोंज जनपद पंचायत में विवाह सहायता योजना के नाम पर 30.18 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है. आरोप है कि 5923 फर्जी शादियां दिखाकर, जाली दस्तावेजों और फर्जी बैंक खातों के जरिए सरकारी पैसा हड़प लिया गया. इस मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन और निलंबित CEO शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है. आखिर क्या है ये विवाह सहायता योजना, इसमें कितना पैसा मिलता है और 30 करोड़ का ये पूरा खेल कैसे हुआ? 

सबसे पहले समझिए पूरा मामला क्या है?
यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की सिरोंज जनपद पंचायत से जुड़ा है. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत जनपद पंचायत के तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि सिरोंज जनपद पंचायत के CEO के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, त्रिपाठी ने विवाह सहायता योजना में कथित ₹30.18 करोड़ का घोटाला किया. ED के अनुसार 5,923 संदिग्ध मामलों में नियमों का उल्लंघन करते हुए सरकारी फंड मंजूर और जारी किए गए. आरोप है कि फर्ज़ी दस्तावेजों और बैंक खातों का इस्तेमाल करके सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल किया गया. गिरफ्तारी के बाद शोभित त्रिपाठी को स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने उन्हें 9 सितंबर तक ED की कस्टडी में भेज दिया.  अब ED वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कथित संबंधों की जांच कर रही है.

5,923 मामलों में गड़बड़ी का आरोप
इस पूरे मामले की शुरुआत भोपाल EOW की FIR से हुई थी. EOW ने सिरोंज जनपद के तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. उस FIR के आधार पर ED ने जांच शुरू की. जांच में पता चला कि 2019 और 2021 के बीच सिरोंज में 5,923 शादियों के मामले दर्ज किए गए थे, और हर शादी के लिए ₹51,000 की आर्थिक मदद दी गई थी. ED की जांच में इन सभी 5,923 मामलों को संदिग्ध माना गया है. आरोप है कि कई मामलों में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज या तो असली नहीं थे या फिर लाभार्थियों की पात्रता पर शक पैदा करते थे. जांच एजेंसी के मुताबिक, नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके आवेदन तैयार किए गए और बाद में सरकारी फंड बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया. जांच में ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें लोगों ने शादी के लिए मदद के वास्ते कभी आवेदन ही नहीं किया था. इसके अलावा, एजेंसी को लिस्ट में शामिल कुछ लाभार्थियों के दस्तावेज नहीं मिल सके. इससे यह सवाल उठता है कि अगर कोई शादी नहीं हुई थी या संबंधित व्यक्ति ने कभी आवेदन ही नहीं किया था, तो उनके नाम पर सरकारी पैसा किस आधार पर मंजूर किया गया?

27 साल के युवक की तीन बेटियां कैसे?
इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली बात एक ऐसी घटना है जिसमें आरोप है कि 27 साल के एक युवक की तीन बेटियों की शादी होने का दावा किया गया. जांच एजेंसी के मुताबिक, तीनों बेटियों में से हर एक के नाम पर ₹51,000-51,000 हजार की आर्थिक मदद मंज़ूर की गई और निकाली गई. यह मामला इसलिए सवाल खड़े करता है क्योंकि रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में ही यह बात बहुत अजीब लगती है कि इतनी कम उम्र के व्यक्ति की तीन बेटियां हों और उनकी शादी होने का दावा किया जा रहा हो. इतना ही नहीं कोविड महामारी के कारण जब पूरे देश में सख्त लॉकडाउन लागू था और सार्वजनिक समारोहों व शादियों पर पूरी तरह रोक थी तब भी सिर्फ़ कागजों पर हजारों शादियां दिखाकर करोड़ों रुपयों का गबन किया गया. घोटाले के उजागर होने के डर से जिला कार्यालय से कई असली फाइलें और फोरेंसिक सबूत गायब कर दिए गए.

मामला विधानसभा तक पहुंचा था
यह मामला अचानक सामने नहीं आया था. इसे विधानसभा में भी उठाया गया था. सिरोंज से तत्कालीन बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विवाह सहायता योजना से जुड़ा यह मुद्दा उठाया था. इसके बाद, तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने तत्कालीन श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था. इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री के आदेश पर शोभित त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया गया था. EOW ने इससे पहले 2020 में भी शोभित त्रिपाठी को गिरफ़्तार किया था.

विवाह सहायता योजना क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार की विवाह सहायता योजना का मकसद जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक मदद देना है. यह योजना 2006 में गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों, विधवाओं और छोड़ी गई महिलाओं की शादी में मदद करने के लिए शुरू की गई थी. सरकारी जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए दुल्हन या उसके अभिभावक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है. कन्या की कम से कम उम्र 18 साल और लड़केकी 21 साल होनी चाहिए.

योजना में कितनी राशि मिलती है?
यहां एक जरूरी फर्क को समझना जरूरी है. मध्य प्रदेश की मौजूदा सरकारी मुख्यमंत्री कन्या विवाह/सहायत योजना के तहत कुल ₹55,000 का प्रावधान है. इस रकम में कन्या के लिए ₹49,000 और सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने वाली संस्था के लिए ₹6,000 शामिल हैं. लेकिन सिरोंज के जिस कथित घोटाले की ED जांच कर रही है, उसमें एजेंसी का कहना है कि 2019 और 2021 के बीच किए गए भुगतान प्रति मामला ₹51,000 की सहायता राशि के आधार पर किए गए थे. इसलिए, इस घोटाले के वित्तीय दायरे का आकलन करते समय उस समय लागू व्यवस्था और मौजूदा योजना के प्रावधानों के बीच फर्क करना जरूरी है.

अब आगे क्या होगा?
ED की जांच अभी चल रही है. शोभित त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी कथित मनी ट्रेल और दूसरे लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. जांच के दौरान यह सामने आ सकता है कि 5,923 मामलों में से कितने असल में धोखाधड़ी वाले थे और सरकारी फंड किन खातों में डायवर्ट किए गए थे. अगर जांच में दूसरों की भी मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES