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शिवपुरी में करोड़ों की सरकारी जमीन से हटाया गया अतिक्रमण, सालभर से दिए जा रहे थे नोटिस, अवैध वसूली का खुलासा

Shivpuri News: शिवपुरी में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹25 से ₹30 करोड़ की कीमत वाली 15 बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया. इस जमीन पर अवैध रूप से बनी 36-37 दुकानों को बुलडोजर से गिरा दिया गया.

Written By Ranjana Kahar
Published: Sep 29, 2026, 01:58 PM IST | Updated: Sep 29, 2026, 02:03 PM IST
Image Credit: शिवपुरी में अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन
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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में प्रशासन ने जमीन माफिया और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. शहर के कोतवाली पुलिस स्टेशन इलाके में मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने सरकारी जमीन के लगभग 15 बीघा हिस्से पर बने अवैध निर्माणों को गिरा दिया गया. कब्जा हटाने के इस अभियान के दौरान बुलडोजर का इस्तेमाल करके 36 से 37 अवैध दुकानों को जमींदोज कर दिया गया.   प्रशासन के मुताबिक, इस जमीन की बाजार कीमत ₹25 करोड़ से ₹30 करोड़ के बीच आंकी गई है.

सालभर से दिए जा रहे थे नोटिस
SDM आनंद सिंह राजावत ने बताया कि यह जमीन असल में मेडिकल कॉलेज को अलॉट की गई थी और भविष्य में वहां आश्रय स्थल बनाने की योजना है. कब्जा करने वालों को लगभग एक साल से लगातार नोटिस और चेतावनी दी जा रही थी, और तहसीलदार की अदालत से भी आदेश जारी किए गए थे.

अवैध वसूली का हुआ खुलासा
SDM के अनुसार, जानकारी मिली थी कि दुकानों से ₹5,000 से ₹8,000 तक का मासिक किराया वसूला जा रहा था. किराएदारों ने कुछ लोगों द्वारा जबरन वसूली की शिकायत भी की थी. प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के विकल्प तलाशने की बात कही है.

एमपी में जारी है अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन
बता दें कि शिवपुरी के अलावा प्रशासन मध्य प्रदेश के कई शहरों में जमीन माफिया और अवैध कब्जा करने वालों के चंगुल से सरकारी जमीन वापस लेने के लिए बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान चला रहा है. राजधानी भोपाल में भदभदा रोड पर सुबह-सुबह चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन में जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने लगभग 15 एकड़ की अहम सरकारी जमीन को पूरी तरह से कब्जे से मुक्त कराया. इस जमीन पर मैरिज गार्डन, पक्के रेस्टोरेंट और कई दुकानें अवैध रूप से चल रही थीं. इसी तरह, रीवा और इंदौर जैसे बड़े शहरों में सार्वजनिक नालों, चौराहों और मुख्य सड़कों के किनारे किए गए अवैध कब्ज़ों को बुलडोजर से हटाया गया, जिससे आम लोगों को जलभराव और ट्रैफ़िक जाम की पुरानी समस्याओं से बड़ी राहत मिली.

लैंड माफियों में हड़कंप
वहीं अब शिवपुरी प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से शहर में सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने वाले लैंड माफिया में हड़कंप मच गया है. करोड़ों की कीमती जमीन को वापस लेकर उसे जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए सुरक्षित करना एक सराहनीय कदम है. अवैध वसूली में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने से असामाजिक तत्वों को एक कड़ा संदेश जाता है, जो भविष्य में सरकारी संपत्तियों पर नज़र रख सकते हैं.
 

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About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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