)
दीपावली के पर्व पर उज्जैन शहर के नई पेठ स्थित अति प्राचीन गजलक्ष्मी माता मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. धन और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं. दीपावली के अवसर पर मंदिर में माता का विशेष श्रृंगार किया गया. वहीं, भक्तों की ओर से 5100 लीटर से अधिक दूध से माता गजलक्ष्मी का अभिषेक किया गया.
मंदिर के पुजारी अवधेश शर्मा ने बताया कि दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव के तीसरे दिन यह विशेष अभिषेक आयोजित किया गया. सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले अभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. अभिषेक के बाद दूध को प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटा गया. श्रद्धालु इस दूध से अपने घरों में खीर बनाएंगे और माता को भोग लगाकर परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करेंगे. इसके बाद माता का विशेष श्रृंगार किया गया और महाआरती हुई. शाम को माता को महाभोग लगाया जाएगा.
माता गजलक्ष्मी के दरबार में आने वाले श्रद्धालु सुख-समृद्धि के साथ अपने घरों में स्थायी रूप से लक्ष्मी का वास होने की कामना करते हैं. मंदिर के पुजारी के अनुसार, मान्यता है कि माता को लगातार पांच शुक्रवार दही अर्पित करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और धन में स्थिरता आती है. इसी आस्था के साथ शहर ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं.
दीपावली के अवसर पर मंदिर को नोटों से भी सजाया गया है. मान्यता है कि सम्राट विक्रमादित्य ने राज्य में सुख, शांति और समृद्धि के लिए माता गजलक्ष्मी की स्थापना कर आराधना की थी. यही वजह है कि माता को उज्जैन की समृद्धि और वैभव से जोड़कर भी देखा जाता है. पांच दिवसीय उत्सव के दौरान मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं. महिलाओं को मंदिर की ओर से सिंदूर भी दिया जाता है.
मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि वे वर्षों से माता के दर्शन करने आ रहे हैं. किसी ने कमल का फूल चढ़ाकर माता का आशीर्वाद लिया तो किसी ने परिवार की खुशहाली और सभी के जीवन में सुख-समृद्धि बने रहने की प्रार्थना की. दीपावली के मौके पर पूरा मंदिर परिसर भक्तों की आस्था और उत्साह से सराबोर नजर आया.
(रिपोर्टः अनिमेष सिंह, उज्जैन)