डिंडोरी में 'हर घर जल' योजना का सच: टंकी बनी, बिछी पाइप लाइन, नल भी लगे...फिर लोगों के घरों में क्यों नहीं पहुंचा पानी?
डिंडौरी में मुख्यमंत्री पेयजल योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जब जमीनी हकीकत का वीडियो वायरल हुआ तो पूरे सिस्टम की पोल खोल कर रख दी. वहीं ग्रामीण अपना दर्द बयां कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ आश्वासन पर आश्वासन दे रहा है.
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के शहपुरा इलाके के बझर गांव में पेयजल योजना ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है. मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत गांव में पानी की टंकी बनाई गई, घर-घर पाइप लाइन भी बिछाई गई. इतना ही नहीं नल भी लगाए गए. लेकिन नलों से पीने का पानी नहीं आ रहा है. हालात इस कदर हैं, कि ग्रामीणों को सड़क किनारे बह रहे पाइप लाइन के लीकेज से पानी भरना पड़ रहा है. डिंडौरी पेयजल योजना की यह हकीकत ग्रामीणों की परेशानी साफ दिखा रही है.
बझर गांव में पानी के लिए महिलाओं को सुबह से ही सड़क किनारे लाइन में खड़े होना पड़ रहा है. बताया जाता है कि यहां पर महिलाएं अपने घरों के बर्तन लेकर पाइप लाइन से निकल रहे पानी को भरती नजर आती हैं. पता यह भी चला है कि यह पाइप लाइन हॉस्टल के लिए बिछाई गई है, लेकिन लीकेज होने के कारण उससे पानी बह रहा है. यही पानी अब कई ग्रामीण परिवारों के लिए सहारा बना हुआ है.
पानी कहां से पिएंगे?
दरअसल, यह मामला शहपुरा जनपद की अमठेरा ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम बझर का बताया जा रहा है. गांव जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे के बीच पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि घरों में दो-दो नल तक लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता है. एक ग्रामीण महिला ने बताया, हम गंदे पानी से पानी पीते हैं. महिला ने बताया कि हमारे घर में दो-दो नल लगे हैं, अलग-अलग लगे हैं, बेटा के अलग लगे हैं. वहां पानी नहीं देता तो कहां से पिएंगे?
महिला ने सुनाया दर्द
ग्रामीण महिला ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि सरकार घर-घर नल लगाने की बात करती है, लेकिन नल लगने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है. महिला ने आगे बताया कि जब पानी आएगा, तभी लोग उसका इस्तेमाल कर पाएंगे. बझर में टंकी, पाइप लाइन और नल की व्यवस्था तो दिखाई देती है, लेकिन घरों तक पानी की पूंद तक नहीं पहुंच रही है. ऐसे में डिंडौरी के हर घर जल और पेयजल व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों पर ग्रामीणों की परेशानी सवाल खड़े कर रही है.
व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों की परेशानी सिर्फ पानी नहीं मिलने की नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की है. जिसके तहत गांव में टंकी बनाई गई है. पाइप लाइन बिछाई गई है और घरों के बाहर नल भी लगाए गए हैं. लेकिन ग्रामीणों को पानी के लिए सड़क किनारे जाना पड़ रहा है. महिला ने बताया कि पानी नहीं मिले तो कैसे भरेंगे. टोटी वगैरह सब लगी हुई हैं. जब पानी नहीं आएगा तो पानी कहां से पिएंगे.
CEO ने लिया संज्ञान
मामला सामने आने के बाद पंचायत शहपुरा के सीईओ गणेश पांडे ने संज्ञान लिया. उन्होंने कहा कि व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि नए सचिव की पदस्थापना की गई है. पाइप रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा. आगे बताया कि वीडियो में स्थिति देखने के बाद एक दो दिन में ठीक कराने की कोशिश करेंगे. अब ग्रामीण इस इंतजार में बैठे हैं कि कब यह काम पूरा होगा और कब पानी पीने को मिलेगा.