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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हिंदू सनातन एकता रथ यात्रा पर निकले हैं. इस दौरान वे लगातार 'लव जिहाद' के खिलाफ खुलकर बात रख रहे हैं और सार्वजनिक मंचों से हिंदू लड़कियों से वर्ग विशेष के पुरुषों से सावधान रहने की अपील कर रहे हैं. देर रात सागर जिले के गढ़कोटा में भारी भीड़ के बीच पहुंचने पर बाबा बागेश्वर ने नवरात्रि पर्व और जगह-जगह आयोजित हो रहे गरबा कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए हिंदू युवतियों और बेटियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी.
लव जिहाद पर बाबा बागेश्वर का बयान
लव जिहाद के मुद्दे पर बात करते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा, गरबा के आयोजनों में वर्ग विशेष के कुछ ऐसे लोग भी आ सकते हैं, जो अपनी असली पहचान छुपाते हैं. युवतियों से अपील करते हुए उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हमारी बहनों से प्रार्थना है तुम उनका फेस देखकर उनके चक्कर में मत फंस जाना. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से यह भी दोहराया, बेटियों तुम काली और दुर्गा बनो, लेकिन कभी बुरका वाली न बनो. उन्होंने आगाह किया कि महिलाएं अक्सर यह गलती कर बैठती हैं कि उनका साथी अलग है, जबकि असलियत इसके ठीक उलट हो सकती है. उन्होंने सागर को 'लव जिहाद' से मुक्त बनाने की बात भी कही.
हिंदू लड़कियों से अपील
इससे पहले बाबा बागेश्वर ने दमोह में भी हिंदू लड़कियों से एक खास अपील की थी. दरअसल, वे अभी सनातन धर्म के मानने वालों को एक साथ लाने के लिए रथ यात्रा निकाल रहे हैं. मंगलवार को यह यात्रा दमोह जिले से गुजरी थी. इस दौरान पटेरा इलाके में जोरदार स्वागत हुआ, जहां लोगों ने JCB मशीन से बाबा पर फूल बरसाए. अपने रथ से भीड़ को संबोधित करते हुए, उन्होंने हिंदू बेटियों से कहा, बेटियां दुर्गा काली बने लेकिन कभी बुर्के वाली ना बनें. इस बयान को लव जिहाद के मामलों के संदर्भ में देखा जा रहा है. क्योंकि दमोह जिला अक्सर इस मुद्दे को लेकर चर्चा में रहता है.
जेन जी को लेकर क्या बोले बाबा बागेश्वर
इसके अलावा, उन्होंने लोगों को एकजुट होने और जाति-आधारित भेदभाव से ऊपर उठने की शपथ दिलाई. मीडिया से बात करते हुए, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और इसे एक राजनीतिक मुद्दा बताया. हालांकि, जेन ज़ी को संबोधित करते हुए उन्होंने उन्हें मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी. उनके विचार व्यक्त करने के अधिकार को स्वीकार करते हुए, उन्होंने संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने ऐसे आंदोलनों में विदेशी ताकतों की भूमिका को भी स्वीकार किया और कहा कि मौजूदा हालात साफ तौर पर इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का संकेत देते हैं.