फर्जी ट्रेडिंग ऐप दिखाता रहा करोड़ों का मुनाफा, कारोबारी ने गंवाए 1.63 करोड़; फिर खुला ऑनलाइन ठगी का राज
Gwalior News: साइबर क्राइम पुलिस ने ग्वालियर के एक ऑटोमोबाइल पार्ट्स कारोबारी से ₹1.63 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी अविनाश राय को उज्जैन के नागदा से गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से छब्बीस डेबिट कार्ड, पांच ATM कार्ड और बैंक पासबुक बरामद किए गए हैं.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ऑटोमोबाइल पार्ट्स के एक व्यापारी के साथ ₹1.63 करोड़ की ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने उज्जैन के नागदा से आरोपी अविनाश राय को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि धोखाधड़ी की रकम का पहला हिस्सा, लगभग ₹31 लाख आरोपी की फर्म के नाम पर खोले गए एक म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर किया गया था. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है.
Axis-DMA ऐप और फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ठगी
दरअसल, धोखाधड़ी के शिकार मनीष जैन रामदास घाटी इलाके के रहने वाले हैं और ऑटोमोबाइल पार्ट्स का कारोबार करते हैं. पुलिस के मुताबिक 22 अप्रैल को कुछ अनजान लोगों ने मनीष को Axis-DMA नाम के ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप और G-2 Axis Prime Circle व M-26 Axis VIP Circle नाम के दो WhatsApp ग्रुप से जोड़ा. खुद को स्टॉक मार्केट की अधिकृत टीम बताने वाले आरोपियों ने निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया. शुरुआत में मनीष ने 5 लाख और 10 लाख रुपये जैसी छोटी रकम का निवेश किया. उन्हें ऐप पर अच्छा मुनाफा दिखाया गया और उन्होंने कुछ रकम निकाली भी. मुनाफा मिलने के बाद उनका भरोसा बढ़ गया. इसके बाद, ज्यादा मुनाफे के लालच में मनीष ने निवेश बढ़ाना शुरू कर दिया.
ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
धोखाधड़ी करने वाले लोग ऐप पर नकली मुनाफा दिखाकर मनीष को निवेश करने के लिए लुभाते रहे. उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में किश्तों में कुल ₹1.63 करोड़ जमा किए. ऐप में उनका बैलेंस मुनाफे समेत बढ़कर ₹1.84 करोड़ दिखा रहा था. जब मनीष ने पूरी रकम निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने कैपिटल गेन्स टैक्स, ट्रांसफर चार्ज और दूसरी फीस के नाम पर और पैसे की मांग की. उनके मना करने पर, उन्होंने उन्हें दोनों WhatsApp ग्रुप से हटा दिया और उनका नंबर ब्लॉक कर दिया. धोखाधड़ी का शिकार होने का एहसास होने पर, मनीष ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई.
साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने जांच शुरू की. जांच में पता चला कि धोखाधड़ी से मिली ₹31 लाख की शुरुआती रकम, आरोपी अविनाश राय (जो उज्जैन के नागदा का रहने वाला है) की एक फर्म के नाम पर खोले गए म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर की गई थी. ट्रांजैक्शन का पता लगाने के बाद पुलिस ने आरोपी को नागदा से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह एक ऐप का इस्तेमाल करता था जो धोखाधड़ी करने वालों तक मैसेज और कॉल पहुंचाता था, और वे फिर लोगों को निशाना बनाकर ठगी करते थे. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश कर रही है.