कूनो, गांधी सागर के बाद अब बुंदेलखंड में गूंजेगी चीतों की दहाड़, CM मोहन यादव आज करेंगे रिलीज
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव आज वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ेंगे. कूनो और गांधी सागर के बाद यह चीतों का तीसरा घर बनेगा, जो बुंदेलखंड (सागर) क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी.
मध्य प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण अभियान में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है. 7 अक्टूबर को वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के समापन के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य के सबसे बड़े 'वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व' में दो चीतों को छोड़ेंगे. कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व प्रदेश में चीतों का तीसरा नया आशियाना बनने जा रहा है. यह अवसर सागर और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व और ऐतिहासिक महत्व का विषय है.
MP में चीता प्रोजेक्ट को नया विस्तार
चीतों के नए माहौल में उनके बेहतर पुनर्वास और सुरक्षा को पक्का करने के लिए रिजर्व के 439 हेक्टेयर इलाके में खास बाड़े और इंतजाम किए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2022 को कूनो में पहली बार चीते छोड़ने से शुरू हुआ 'प्रोजेक्ट चीता' अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. हाल ही में कूनो में एक मादा चीता ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जिससे वहां चीतों की कुल संख्या 54 हो गई है.
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भारत में चीतों का कुनबा पहुंचा 60
भारत में चीतों की कुल संख्या अब 60 हो गई है, और सबसे अच्छी बात यह है कि इनमें से 41 चीते भारत में ही पैदा हुए हैं. वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को लाए जाने से राज्य में इको-टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण को नई ऊंचाइयां मिलेंगी.
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का आना मध्य प्रदेश के वन्यजीव इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा. कूनो से शुरू हुआ 'प्रोजेक्ट चीता' न केवल अपनी सफलता दिखा रहा है, बल्कि भारत में जन्मे 41 चीते भी इस पहल की वैज्ञानिक और व्यावहारिक मजबूती को साबित करते हैं. बुंदेलखंड के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व में चीतों की मौजूदगी से इस क्षेत्र में इको-टूरिज़्म, रोजगार के नए मौकों और जैव-विविधता संरक्षण को अभूतपूर्व गति मिलेगी.
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के बारे में
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का 7वां और देश का 54वां टाइगर रिजर्व है. इसे सितंबर 2023 में बनाया गया था. यह रिजर्व सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में फैला है. यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जिसका कुल एरिया करीब 2,339 वर्ग किलोमीटर है.