अब नए अंदाज में विकसित होगा भोपाल! मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट तैयार...बदलेगी शहर-गांवों की तस्वीर
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के लंबे समय से प्रतीक्षित मास्टर प्लान के मसौदे को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. यह नया मास्टर प्लान वर्ष 2047 तक अनुमानित आबादी और शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सुनियोजित विकास और विस्तार को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के नए मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. इससे राजधानी के लंबे समय से लंबित मास्टर प्लान को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है. नए ड्राफ्ट को साल 2047 तक अनुमानित जनसंख्या वृद्धि, बुनियादी ढांचे की जरूरतों और शहर की आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
मास्टर प्लान लागू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय जन-प्रतिनिधियों, विधायकों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करें और उनके सुझावों को इसमें शामिल करें. योजना के अनुसार, इस नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सितंबर में जन्माष्टमी के आसपास सार्वजनिक किया जा सकता है. लागू होने के बाद, यह नई योजना भोपाल में अवैध निर्माण पर रोक लगाएगी, सड़कों और रिहायशी इलाकों का व्यवस्थित विस्तार सुनिश्चित करेगी, और ट्रैफिक व पर्यावरण प्रबंधन को मजबूत करेगी. कुल मिलाकर यह मास्टर प्लान भोपाल को 2047 के विजन के अनुरूप एक आधुनिक शहर में बदलने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.
बदलेगी शहर-गांवों की तस्वीर
दरअसल, दो दशक बाद भोपाल के व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित मास्टर प्लान-2047 का खाका तैयार कर लिया गया है. सभी हितधारकों के साथ परामर्श भी अंतिम चरण में है और मसौदा योजना कभी भी जारी की जा सकती है. इस योजना में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन और उससे जुड़ी शर्तों के साथ-साथ योजना क्षेत्र, औद्योगिक विकास और हरित क्षेत्रों का विवरण शामिल है. जानकारी के अनुसार योजना क्षेत्र लगभग 1,017 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा और इसमें 254 गांव शामिल होंगे. भोपाल के चारों तरफ उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा और मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर के दोनों ओर बहुमंजिला इमारतों के निर्माण की अनुमति दी जाएगी. इससे शहर और गांवों की सूरत बदलेगी.
नए अंदाज में विकसित होगा भोपाल!
मास्टर प्लान में खेती की जमीन के इस्तेमाल से जुड़े बदलावों का भी प्रस्ताव है. तय प्रक्रियाओं का पालन करने और जरूरी मंजूरी लेने के बाद इन इलाकों में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और गोदाम जैसी सुविधाओं की इजाजत दी जाएगी. इसके अलावा जरूरत के हिसाब से शहर के चारों कोनों पर इंडस्ट्रियल और कमर्शियल गतिविधियों के लिए जमीन रिज़र्व की जाएगी. साथ ही 18 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों वाले इलाकों में मिक्स्ड-यूज कैटेगरी के तहत कमर्शियल गतिविधियों की इजाजत दी जा सकती है, बशर्ते पार्किंग की जरूरतों समेत कुछ खास शर्तें पूरी की जाएं. यह कदम भोपाल के नए और आधुनिक तरीके से विकास का रास्ता खोलेगा.