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मनमाना किराया खत्म, लाइव लोकेशन, हर 5-10 मिनट में सर्विस... MP की सड़कों पर 'सरकारी कंट्रोल' वाली बसें, आम आदमी के लिए 'सुगम परिवहन' से क्या-क्या बदलेगा?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदेशवासियों को 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' की सौगात दी. इस नई व्यवस्था के शुरू होने से राज्य के लाखों दैनिक यात्रियों की जिंदगी में क्या-क्या बड़े बदलाव आएंगे और उन्हें क्या-क्या फायदे होंगे.

Written By Sumit Rai
Published: Sep 25, 2026, 02:32 PM IST | Updated: Sep 25, 2026, 02:48 PM IST
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मध्य प्रदेश की सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक नया दौर शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान से रिमोट का बटन दबाकर प्रदेशवासियों को 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' की बड़ी सौगात दी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बसों के इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश की जनता आनंदित है. सड़क परिवहन के माध्यम से बसों का बेहतर प्रबंधन जनता की सुविधा और सुगम आवागमन के लिए किया जा रहा है. मध्य प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है, जिसके माध्यम से छोटे से छोटे गांव और कस्बों तक सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित हुई है। हमारी सरकार के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों की शहरों से कनेक्टिविटी और बेहतर हुई है. पीएम मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का व्यापक नेटवर्क विकसित हुआ है.

करीब 20 साल पहले मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम (MPSRTC) के बंद होने के बाद से राज्य में बस सेवाओं पर प्राइवेट ऑपरेटरों का वर्चस्व हो गया था, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी (PPP) मॉडल पर सड़कों पर 'सरकारी नियंत्रण' वापस ला दिया है. चलिए आपको बताते हैं कि इस नई व्यवस्था के शुरू होने से राज्य के लाखों दैनिक यात्रियों की जिंदगी में क्या-क्या बड़े बदलाव आएंगे और उन्हें क्या-क्या फायदे होंगे.

1. मनमाना किराया खत्म: सरकार तय करेगी रेट

प्राइवेट बसों में त्योहारों, छुट्टियों या आपात स्थिति के दौरान मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें आम थीं. 'सुगम परिवहन सेवा' के तहत किराए पर पूरी तरह सरकारी नियंत्रण होगा. सरकार ने प्रति किलोमीटर और श्रेणीवार (नॉन-एसी, डीलक्स, वोल्वो, स्लीपर) किराया तय कर दिया है. प्राइवेट ऑपरेटर निर्धारित दर से 1 रुपया भी ज्यादा नहीं वसूल सकेंगे. इसमें इंदौर से भोपाल नॉन-एसी का किराया ₹380, वोल्वो/स्लीपर एसी का किराया ₹665 रुपये है. भोपाल से जबलपुर नॉन-एसी का किराया ₹752, स्लीपर वोल्वो का किराया ₹1,316 रुपये तय किया गया है. इंदौर से अहमदाबाद स्लीपर वोल्वो का किराया ₹1,456 रुपये तय किया गया है. एसी बसों पर 5 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना होगा.

बस श्रेणीइंदौर से भोपालइंदौर से उज्जैनभोपाल से जबलपुर (वाया- सागर)इंदौर से अहमदाबाद
नॉन एसी₹380₹112₹752₹832
डीलक्स नॉन एसी₹475₹140₹940₹1040
डीलक्स एसी₹570₹168₹1128₹1248
सुपर लग्जरी वॉल्वो₹665₹196₹1316₹1456
स्लीपर नॉन एसी₹532₹157₹1053₹1165
स्लीपर एसी₹570₹168₹1128₹1248
स्लीपर वॉल्वो₹665₹196₹1316₹1456

2. लाइव लोकेशन, हर 5-10 मिनट में सर्विस

अक्सर यात्रियों को बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करना पड़ता था या बसों की सही समय-सारणी का पता नहीं होता था. इसके अलावा यात्री अपने स्मार्टफोन से न सिर्फ ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे, बल्कि बस की लाइव लोकेशन (GPS tracking) भी देख सकेंगे. इसके साथ ही भोपाल-इंदौर जैसे अति-व्यस्त रूटों पर हर 5 से 10 मिनट के अंतराल में बसें उपलब्ध रहेंगी. अन्य रूटों पर 15 से 30 मिनट में दूसरी बस मिलेगी. बसों का संचालन 24 घंटे होगा और रात के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी बस सेवा मिलेगी.

3. पहले चरण में 351 बसें, 180 ई-बसें भी शामिल

सरकार ने शुरुआत 7 प्रमुख शहरों से की है और शुरू में 351 बसें उतारी गई हैं, लेकिन लक्ष्य केवल बड़े शहरों को जोड़ना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाना है. पहले चरण में 7 प्रमुख शहरों (इंदौर-145, भोपाल-106, जबलपुर-67, रीवा-18, देवास-10, कटनी-3, भिंड-2) के लिए कुल 351 बसें उतारी गई हैं. इन 351 बसों में 180 पर्यावरण-अनुकूल पीएम ई-बसें शामिल हैं. सरकार का लक्ष्य साल 2031 तक प्रदेश में 15,000 बसें चलाने का है, जिससे मध्य प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों को सीधी बस कनेक्टिविटी से जोड़ा जा सके.

4. पैनिक बटन से लेकर 50% छूट तक

सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए गए हैं. किसी भी आपात स्थिति में महिला यात्री पैनिक बटन दबा सकेंगी, जिसकी सीधी सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी. दिव्यांग यात्रियों को किराए में 50% की छूट मिलेगी. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन और सागर के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बसों की स्पीड, रूट, सफाई और ड्राइवर-कंडक्टर के व्यवहार पर 24x7 नजर रखी जाएगी.

5. अगर बस ऑपरेटर ने ज्यादा किराया मांगा या रूट बदला तो क्या होगा?

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहस बस ऑपरेटरों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कड़े प्रावधान किए हैं. बसों में जीपीएस और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) अनिवार्य किए गए हैं. यदि कोई बस निर्धारित रूट से भटकती है, लेट होती है या ऑपरेटर तय सीमा से अधिक किराया वसूलता है, तो ऑनलाइन शिकायत दर्ज होते ही ऑपरेटर पर भारी जुर्माना और कार्रवाई की जाएगी.

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न्यूज़ मीडिया में 13 सालों से अधिक के अनुभव के साथ सुमित राय एक डिजिटल पत्रकार हैं. वर्तमान में सुमित राय Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम के लीड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, क्राइम और हाइपरलोकल मुद्दों के सटीक और गहरे विश्लेषण पर उनकी मजबूत पकड़ है.भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद सुमित ने मीडिया जगत में अपनी पहचान बनाई. अपने करियर के दौरान उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और लोकमत हिंदी जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ-साथ जटिल राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' और 'ओपिनियन' लिखना उनकी मुख्य पहचान है. वे न्यूज़ डेस्क मैनेजमेंट और क्वालिटी एश्योरेंस के उच्च मानकों को बनाए रखते हैं, ताकि पाठकों तक प्रामाणिक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित खबरें ही पहुंचे.सुमित राय से संपर्क करने के लिए आप उन्हें sumit2.kumar@zeemedia.com पर ईमेल कर सकते हैं. इसके अलावा, आप एक्स (ट्विटर), फेसबुक और लिंक्डइन पर उनके हैंडल @imSumitKRai के जरिए उनसे सीधे जुड़ सकते हैं.
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