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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में न्यूटन पुलिस चौकी के इलाके में आने वाले काजरा गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले में एक दादा और उनके पोते की मौत हो गई. मृतकों की पहचान 56 वर्षीय कबोद नागवंशी और उनके 5 वर्षीय पोते अंश नागवंशी के रुप में हुई है. घटना के समय, कबोद नागवंशी अपने दो पोतों के साथ मवेशियों को चराने के लिए खेत गए थे, तभी अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने तीनों पर हमला कर दिया.
मधुमक्खियों के हमले से दादा-पोते की मौत
इस हमले में तीनों लोग बुरी तरह घायल हो गए, लेकिन घायल नौ साल की बच्ची ने बहुत हिम्मत दिखाई. वह किसी तरह बच निकली और अपने परिवार को घटना के बारे में बताया. खबर मिलते ही गांव वाले और परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और सभी को अस्पताल ले जाने लगे. हालांकि, 56 साल के काबोद नागवंशी की हालत इतनी गंभीर थी कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई. वहीं, गंभीर रूप से घायल पांच साल के अंश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई. न्यूटन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मवेशियों को चराने खेत गए थे
परिजनों के मुताबिक, 56 साल के काबोद नागवंशी परिवार के दो बच्चों के साथ मवेशियों को चराने खेत गए थे. अचानक, मधुमक्खियों के झुंड ने उन तीनों पर हमला कर दिया. हमले में बुरी तरह घायल हुई नौ साल की एक बच्ची किसी तरह भागकर परिवार को खबर देने में कामयाब रही. परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों को अस्पताल ले गए, लेकिन दादा और पोते की मौत हो गई. इस भयानक घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है. ग्रामीणों में डर का माहौल है, उन्हें चिंता है कि अगर वे अपने खेतों या कहीं और बाहर निकले, तो उन पर भी हमला हो सकता है.
इससे पहले बैतूल जिले के खेड़ी सांवलीगढ़ इलाके में एक युवक पर मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया था. वह एक खेत से गुजर रहा था, तभी मधुमक्खियों के झुंड ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. हमले के दौरान उसे सैकड़ों बार मधुमक्खियों ने काटा, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई. घटना के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने धुएं का इस्तेमाल करके मधुमक्खियों को भगाया और बेहोश युवक को पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया.