छतरपुर में मिला दुर्लभ सफेद रंग का अजगर, वन विभाग ने किया रेस्क्यू, अलबिनो की क्यों हो रही चर्चा?
छतरपुर में एक दुर्लभ रंग का अजगर पकड़ा गया है. इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ लग गई. हालांकि, इसे पकड़कर वनविभाग की टीम ने मुकुंदपुर टाइगर सफारी में भेज दिया गया है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक दुर्लभ प्रजाति का अजगर रेस्क्यू किया गया है. इसका रंग सफेद है. यह अजगर 15 अक्टूबर की रात पन्ना नाका स्थित रेडियो कॉलोनी के सामने सड़क किनारे बैठा मिला था. जब इसे स्थानीय लोगों ने देखा तो इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी.
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. जहां सर्प मित्र ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया. इसके बाद सफेद रंग के अजगर को मुकुंदपुर टाइगर सफारी एवं चिड़ियाघर में भेज दिया गया है. अजगर के दुर्लभ सफेद रंग के चलते उसके अलबिनो होने की चर्चा हो रही है.
बाल पाइथन बताया जा रहा है अजगर
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए सांप की पहचान बाल पाइथन के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि यह प्रजाति आमतौर पर छतरपुर इलाके में नहीं पाई जाती है. इसलिए इसे देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ इकट्ठा हो गई.
कैसा दिखते हैं अलबिनो जीव ?
इसका का रंग सफेद होने के चलते लोग इसे अलबिनो अजगर बता रहे हैं. हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अलबिनो जीवों में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य की कमी होती है, जिससे उनकी त्वचा का रंग हल्का सा दिखाई दे सकता है. इसकी सही पहचान के लिए एक्सपर्ट की जांच बहुत जरूरी होती है.
मिली जानकारी के मुताबिक, वन मंडल अधिकारी ऋषि मिश्र के निर्देशानुसार वन विभाग की टीम ने रात 11 बजे की है. अजगर को पकड़ने के बाद उसकी प्रजाति की पहचान की गई. साथ ही सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उसे मुकुंदपुर भेजने का फैसला लिया गया.
जंगल में छोड़ना उचित नहीं समझा
अधिकारियों का कहना है कि बाल पाइथन वन्यजीवों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार से संबंधित सीटेस (CITES) के परिशिष्ट-द्वितीय में सूचीबद्ध है. इसी वजह से इस सांप की सुरक्षा और देखभाल को लेकर खास सावधानी बरती गई. वहीं वन विभाग ने आगे बताया कि बाल पाइथन की छतरपुर में असामान्य मौजूदगी को देखते हुए उसे खुले जंगल में छोड़ना उचित नहीं समझा गया.
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इसके बजाय उसे महाराजा मार्तंड सिंह जू देव व्हाइट टाइगर सफारी एवं चिड़ियाघर, मुकुंदपुर में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सौंप दिया गया. रेस्क्यू अभियान में वन परिक्षेत्र अधिकारी अंबुज नयन पांडेय, परिक्षेत्र सहायक रोशन तिवारी, वनरक्षक प्रकाश नारायण पांडेय, वाहन चालक राकेश कुशवाहा, प्रमोद अवस्थी और वन्यप्राणी रेस्क्यूअर आकाश राठौर शामिल रहे.
(रिपोर्टः हरीश गुप्ता, छतरपुर)