SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

रियालिटी चेक: बुजुर्गों की सुरक्षा राम भरोसे! बिना पुलिस वेरिफिकेशन मिल रहे घर-घर केयरटेकर, कितनी सुरक्षित हैं आपकी एजेंसियां?

Bhopal News: भोपाल पुलिस के पास केयरटेकर एजेंसियों का कोई रिकॉर्ड नहीं है. पुलिस कमिश्नर के आदेशों के बावजूद, ये एजेंसियां ​​बिना पुलिस वेरिफिकेशन के सिर्फ आधार कार्ड की फोटोकॉपी के आधार पर केयरटेकर तैनात कर रही हैं. इससे अकेले रहने वाले बुज़ुर्गों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 01, 2026, 06:32 PM IST | Updated: Oct 01, 2026, 06:39 PM IST
Image Credit: AI जनरेटेड फोटो
Join

राजधानी भोपाल में अकेले रहने वाले बुज़ुर्गों की ज़िंदगी इन दिनों पूरी तरह 'राम भरोसे' चल रही है.  शहर में लगभग 24 प्रतिशत घर ऐसे हैं जहां 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग अकेले जीवन बिता रहे हैं. उनके बच्चे या तो विदेश में हैं या दूसरे शहरों में काम कर रहे हैं.  इसलिए, बीमारी या कमजोरी के समय ये बुजुर्ग मदद के लिए प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए केयरटेकर रखते हैं. लेकिन यही केयरटेकर अब बुज़ुर्गों की जान और संपत्ति के लिए खतरा बनते जा रहे हैं.

कितनी सुरक्षित हैं आपकी एजेंसियां?
दरअसल,  हाल ही में बागसेवनिया इलाके में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में उनके केयरटेकर का नाम सामने आया है. आरोपी को 'वर्मा होम हेल्थ केयर' एजेंसी के जरिए भेजा गया था, लेकिन एजेंसी ने उसका पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं कराया था. घटना के बाद एजेंसी संचालक ऑफिस पर ताला लगाकर फरार हो गया. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये केयरटेकर एजेंसियां कितनी सुरक्षित हैं?

भोपाल पुलिस के पास कोई डेटा नहीं
यह कोई इकलौता मामला नहीं है. बीते एक हफ्ते के भीतर ही केयरटेकर द्वारा बुज़ुर्गों पर जानलेवा हमले के दो मामले सामने आ चुके हैं. इससे पहले, अवधपुरी में समीक्षा नाम की एक केयरटेकर ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर 71 साल के मोहन चौधरी पर हथौड़े से हमला किया और उन्हें लूटने की साज़िश रची थी. वहीं, अरेरा कॉलोनी का भी एक मामला सामने आया है, जहां एक केयरटेकर ने 99 साल के पूर्व DGP HM जोशी का गला घोंटने की कोशिश की और फिर नकदी व भगवान गणेश की मूर्ति चुरा ली.  सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भोपाल पुलिस के पास शहर में चल रही ऐसी दर्जनों केयरटेकर एजेंसियों का कोई सेंट्रलाइज़्ड रिकॉर्ड नहीं है.

पुलिस कमिश्नर की ओर से बार-बार वेरिफिकेशन के निर्देश दिए जाने के बावजूद, न तो एजेंसियां ​​और न ही स्थानीय पुलिस स्टेशन इस मामले पर ध्यान दे रहे हैं. एजेंसियां ​​बस आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेती हैं और देखभाल करने के बहाने किसी भी अनजान व्यक्ति को बुजुर्गों के घर भेज देती हैं.

यह भी पढ़ें: MP के किसानों के लिए बड़ी खबर: 3 अक्टूबर से शुरू होगा सोयाबीन उपार्जन पंजीयन, ₹ 1 भेजकर होगा बैंक खातों का सत्यापन
 

कानूनी प्रावधान क्या है
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसियों के लिए हर कर्मचारी का पहचान पत्र, स्थायी आवासीय पता और बायोमेट्रिक विवरण लेना, साथ ही पुलिस बैकग्राउंड वेरिफिकेशन करना ज़रूरी है. इन नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एजेंसी संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है.

डेटा चेक होगा
कई घटनाओं और सुरक्षा में बड़ी चूक के बाद पुलिस विभाग आखिरकार हालात को लेकर हरकत में आता दिख रहा है. भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए, वे शहर में केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों का डेटा चेक करवाएंगे. वे यह भी देख रहे हैं कि अब तक पुलिस के पास इनके बारे में क्या रिकॉर्ड मौजूद हैं.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES