कांग्रेस के नैरेटिव का जवाब देने के लिए बीजेपी का लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ अभियान, बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक होगा पलटवार
मध्य प्रदेश नें भाजपा 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ अभियान चलाएगी. इसके जरिए पार्टी SIR समेत अन्य मुद्दों पर कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देगी. अभियान के लिए राज्यस्तरीय टीमें बनाई गई हैं.
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच सियासी खींचतान जारी है. इस बीच भाजपा ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए अभियान चलाने का फैसला किया है. पार्टी 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' अभियान चलाएगी. इस अभियान के तहत प्रदेश से लेकर विधानसभा स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. भाजपा की योजना लोगों के बीच पहुंचकर मतदाता सूची पुनरीक्षण समेत अन्य मुद्दों पर कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की है.
अभियान के लिए राज्य-स्तरीय टीमें गठित की हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर तैयार की गई कार्य योजना के तहत, विभिन्न मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को अलग-अलग कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस अभियान के अंतर्गत पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस, पदयात्राएं, बौद्धिक संवाद, युवाओं के साथ बातचीत, छात्र प्रतियोगिताएं और सोशल मीडिया अभियान आयोजित करेगी.
SIR पर विपक्ष को घेरेगी बीजेपी
इस अभियान में मतदाता सूचियों के विशेष और गहन पुनरीक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी. भाजपा का दावा है कि बिहार में लगभग 65 लाख और मध्य प्रदेश में करीब 22 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं. इन आंकड़ों के आधार पर पार्टी मतदाता सूचियों की सटीकता और पारदर्शिता का मुद्दा उठाएगी. भाजपा का तर्क है कि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाना एक ऐसी प्रक्रिया है जो लोकतंत्र को मजबूत करती है. इस कवायद के दौरान पार्टी विपक्ष से यह सवाल भी करेगी कि आखिर मतदाता सूचियों में ऐसे नाम शामिल कैसे हो गए.
दिल्ली में प्रेस कॉन्फेंस करेगी BJP
इस अभियान के तहत दिल्ली में केंद्रीय नेताओं की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने और चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपने की योजना है. वहीं मध्य प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी बुद्धिजीवियों के लिए सम्मेलन, प्रमुख नागरिकों के साथ संवाद और विशेष बैठकें आयोजित करेगी. इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी मतदाता सूची में संशोधन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े अपने तर्कों को जनता तक पहुंचाना चाहती है. पार्टी की योजना कांग्रेस पार्टी की पिछली नीतियों, आपातकाल और 1984 के दंगों जैसे ऐतिहासिक मुद्दों को उठाने की भी है. इन विषयों के जरिए बीजेपी का इरादा विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक जवाब देने और अपना नजरिया जनता के सामने रखने का है.
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