ट्विशा शर्मा केस में पति समर्थ सिंह को झटका, डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा...
Twisha Sharma Case: अदालत ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह की डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज कर दी है. बचाव पक्ष ने यह तर्क देते हुए डिफॉल्ट जमानत की मांग की थी कि चार्जशीट अधूरी थी.
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत के मामले में मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. ACJM शोभना भालवे की अध्यक्षता वाली स्पेशल कोर्ट ने उनकी डिफॉल्ट जमानत की अर्जी खारिज कर दी है. आरोपी ने दलील दी थी कि तय समय-सीमा के भीतर जांच पूरी नहीं हुई थी, इसलिए उन्हें डिफॉल्ट जमानत मिलनी चाहिए. लेकिन कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह से खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने तय समय-सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी और यह प्रक्रिया पूरी तरह से वैध है.
डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज
इस केस की जांच कर रही CBI ने आरोपी को हिरासत में लेने के 87वें दिन, 17 अगस्त को कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी. कोर्ट ने 25 अगस्त को उस पर संज्ञान लिया था. इस दौरान बचाव पक्ष ने इस चार्जशीट को अधूरा बताकर डिफॉल्ट जमानत मांगी थी. लेकिन कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आगे की जांच बाकी होने से चार्जशीट अधूरी नहीं हो जाती. इसके लिए कोर्ट ने CBI बनाम कपिल वाधवान के चर्चित फैसले का हवाला भी दिया. जमानत याचिका खारिज होने से समर्थ सिंह की रिहाई का रास्ता बंद हो गया है और अब अदालत में आरोप तय करने को लेकर सीधी बहस शुरू होगी.
आगे की जांच लंबित होने से चार्जशीट अधूरी नहीं- कोर्ट
पीड़ित परिवार और CBI की ओर से पेश वकीलों ने जमानत अर्जी का जोरदार विरोध किया. उन्होंने अदालत में दलील दी कि जांच एजेंसी ने मुख्य जांच पूरी कर ली है और तय 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी है. सिर्फ इसलिए कि आगे की जांच अभी बाकी है, चार्जशीट अधूरी नहीं मानी जा सकती. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पीड़ित परिवार और CBI की बातों को मान लिया. अपने आदेश में ACJM शोभना भालवे ने CBI बनाम कपिल वधावन मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का ज़िक्र करते हुए कहा कि, जांच एजेंसी द्वारा आगे की जांच लंबित रहने मात्र से समय पर दाखिल की गई चार्जशीट अधूरी नहीं मानी जा सकती.
रिहाई की उम्मीदें खत्म
डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज होने से फिलहाल आरोपी समर्थ सिंह की जेल से रिहाई की उम्मीदें खत्म हो गई हैं. कोर्ट के इस कड़े और ऐतिहासिक कानूनी रुख से यह साफ हो गया है कि आरोपी इस आधार पर प्रक्रियात्मक कमियों का फायदा नहीं उठा सकता कि मामले में अतिरिक्त जांच चल रही है. अब जब चार्जशीट को सही मान लिया गया है, तो मामला सीधे ट्रायल के अगले चरण में पहुंच गया है. आरोपों पर होने वाली आगामी बहस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े रहस्यों को सुलझाने और पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम और निर्णायक मोड़ साबित होगी.