भोपाल में बेलगाम आवारा कुत्ते! घर में घुसकर बच्चे को बुरी तरह नोचा, 5 दिन में 15 लोगों पर किया हमला
भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके की नूर मस्जिद के पास आवारा कुत्तों ने 5 दिनों के भीतर 15 लोगों पर हमला कर दिया. इस गंभीर स्थिति के कारण स्थानीय लोग बुरी तरह डरे हुए हैं और प्रशासन के खिलाफ उनमें भारी आक्रोश है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आवारा कुत्तों का आतंक अब लोगों के घरों तक पहुंच गया है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि लोग अपने ही घरों के अंदर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. हाल ही में शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र के नूर मस्जिद इलाके में एक घटना सामने आई, जहां आवारा कुत्तों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. यहां आवारा कुत्ते ने एक घर में घुसकर 8 साल के एक बच्चे पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया. लगातार हो रहे इन हमलों की वजह से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है.
घर में घुसकर बच्चे को नोचा
मिली जानकारी के अनुसार, शाहजहानाबाद के नूर मस्जिद मोहल्ला इलाके में पिछले पांच दिनों के भीतर कुत्तों द्वारा 15 अलग-अलग लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं, जो नगर निगम की लचर व्यवस्था को दर्शाती हैं. अब लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं. हाल ही में घर के अंदर मौजूद आठ साल के इब्राहिम पर अचानक एक आक्रामक कुत्ते ने हमला कर दिया और उसके चेहरे पर चार जगहों पर बुरी तरह नोच डाला. इस गंभीर हमले के बाद खून से लथपथ बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत सर्जरी करनी पड़ी. हालांकि, जटिल सर्जरी के बावजूद मासूम इब्राहिम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में दर्द से जूझ रहा है.
इलाके में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में डर फैला हुआ है. लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों के झुंड की वजह से घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. सुबह मस्जिद जाने वाले लोगों का ये कुत्ते पीछा करते हैं, और स्कूल जाते समय बच्चों को भी लगातार खतरा बना रहता है. अब माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में 50 से ज्यादा आवारा कुत्ते घूम रहे हैं.
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई. लोगों ने विधायक, पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों से कुत्तों को पकड़ने की मांग की है. रहवासियों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है.
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
राजधानी भोपाल में आवारा कुत्तों का बढ़ता खतरा नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. यह स्थिति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रशासन शहर के निवासियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह है. यदि नगर निगम ने समय रहते आवारा कुत्तों की समस्या को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में हालात और भी भयावह हो सकते हैं.