रिटायर्ड IAS मर्डर केस: फरार केयरटेकर पर ₹50,000 का इनाम, 4 राज्यों में आरोपी को ढूंढ रही पुलिस
Bhopal IAS Murder Case: भोपाल के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार केयरटेकर वरुण पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया है. चार राज्यों में पुलिस की 15 टीमें फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं.
मध्य प्रदेश के भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस की जांच एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गई है. घटना के बाद से फरार मुख्य संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार की गिरफ्तारी पर ₹50,000 के इनाम की घोषणा की गई है. उसे पकड़ने के लिए पंद्रह विशेष टीमें मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लगातार छापेमारी कर रही हैं. हाल ही में आरोपी वरुण द्वारा अपनी पुरानी सिम चालू करने से उसकी लोकेशन मथुरा में मिली है, जिसके बाद पुलिस ने उस क्षेत्र में घेराबंदी तेज कर दी है.
पत्नी के बयान से बड़ा खुलासा
मृतक की पत्नी निशि अग्रवाल के बयानों के बाद इस मामले में एक बड़ा मोड़ आया. उन्होंने पुलिस को लगभग ₹5 करोड़ के लंबे समय से चल रहे आर्थिक विवाद के बारे में बताया. जांच से पता चला कि निवेश के लिए दिए गए पैसे वापस न मिलने पर राकेश अग्रवाल ने अजीत पटनी (₹1 करोड़ के लिए) और अवधेश दुबे (₹4 करोड़ के लिए) के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए थे. इस मामले से जुड़ी एक अहम गवाही अक्टूबर के पहले हफ्ते में होनी थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस 5 करोड़ के लेन-देन और गवाही का हत्याकांड से कोई सीधा संबंध है या नहीं.
करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
पुलिस ने बताया कि रिटायर IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की 29-30 सितंबर की रात गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अग्रवाल ने पहले दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए थे. अजीत पटनी जिन पर ₹1 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है, और अवधेश दुबे (जिन पर ₹4 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है. इन मामलों में कुल रकम लगभग ₹5 करोड़ है, और पुलिस अब इस पुराने आर्थिक विवाद को हत्या की जांच से जोड़कर देख रही है. करोड़ों रुपये के इन आर्थिक लेन-देन और पुराने विवाद की जानकारी मृतक की पत्नी निशि अग्रवाल के बयान से सामने आई.
मथुरा में मिली फरार आरोपी की लोकेशन
जांच में यह भी पता चला है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में एक पुराने मामले से जुड़ी अहम गवाही होनी थी. वहीं मामलें में फरार आरोपी वरुण कुमार की लोकेशन मथुरा में मिली. वरुण ने कुछ समय के लिए अपना पुराना सिम कार्ड दोबारा चालू किया, जिससे पुलिस को उसकी नई लोकेशन का पता लगाने में मदद मिली. वरुण का परिवार ग्वालियर में रहता है, जबकि उसकी बहन पटियाला में रहती है.