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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने एक बार फिर अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. DRI की भोपाल टीम ने इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) पर जाल बिछाया और दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया. ये दोनों व्यक्ति बस से दिल्ली से भोपाल आ रहे थे. खुफिया सूचना मिलने के बाद DRI की टीम ने सुबह के समय ISBT पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्धों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया.
तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के पास से कुल 4.321 किलो मेथामफेटामाइन बरामद की गई. यह सफेद क्रिस्टल के रूप में थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त किए गए इन ड्रग्स की कीमत लगभग 3.45 करोड़ रुपये आंकी गई है. DRI के अनुसार, आरोपियों ने नशीले पदार्थों की खेप को छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए थे. एक आरोपी के पास मौजूद ग्रे रंग के बैग और काले रंग के पाउच से 4 किलोग्राम 71 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई. वहीं, दूसरे आरोपी की पैंट से 250 ग्राम सफेद क्रिस्टल मिले. दोनों आरोपियों से मिली पूरी खेप को जब्त कर लिया गया है.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी दिल्ली से बस के जरिए भोपाल आए थे. सार्वजनिक परिवहन के जरिए नशीले पदार्थों की खेप लाए जाने की बात सामने आने से इसमें शामिल तस्करी नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं. खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए DRI (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने ISBT पर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया.
इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये ड्रग्स किसके लिए थे, भोपाल में इन्हें कहां पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है.
इस कार्रवाई के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले 20 दिनों में भोपाल में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह तीसरी कार्रवाई बताई जा रही है. लगातार सामने आ रहे मामलों ने शहर में नशीले पदार्थों की सप्लाई और तस्करी के नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ा दी है. DRI की लगातार हो रही कार्रवाइयों से यह साफ है कि एजेंसियां अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर नजर रख रही हैं. हालांकि, बार-बार नशीले पदार्थों की खेप पकड़े जाने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि भोपाल में नशीले पदार्थों का सप्लाई नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन-कौन से लोग सक्रिय हैं.
रंजन भगत की रिपोर्ट