SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

भोपाल सीलिंग मामला: जबलपुर हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को किया तलब, कारोबारी 7 दिन में पेश करेंगे दस्तावेज

Bhopal News: भोपाल में सीलिंग के मामले पर जबलपुर हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को तलब किया है. कोर्ट ने नगर निगम द्वारा व्यवसायी के दस्तावेज जमा न करने और सरकार की उच्च-स्तरीय समिति द्वारा अपना जवाब दाखिल न करने पर कड़ी नाराजगी जताई.

Written By Ranjana Kahar
Published: Sep 10, 2026, 08:44 AM IST | Updated: Sep 10, 2026, 08:49 AM IST
Image Credit: जबलपुर हाई कोर्ट
Join

भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई मामले में राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर जबलपुर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया है. सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि भोपाल नगर निगम ने अभी तक संबंधित कारोबारी के दस्तावेज हाई कोर्ट में जमा नहीं किए हैं. इसके अलावा सरकार द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति भी अब तक कोर्ट में अपना आधिकारिक जवाब दाखिल करने में विफल रही है.

कारोबारी 7 दिन में पेश करेंगे दस्तावेज
प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने कारोबारियों को अपने मामले के समर्थन में जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए सात दिन का समय दिया है. अगली सुनवाई में इन दस्तावेज़ों के आधार पर सीलिंग की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी. दूसरी तरफ, सिटीजन फोरम की याचिका पर भी अदालत में सुनवाई का दौर जारी है.

15 सितंबर को होगी अलगी सुनवाई
अदालत ने अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है. मुख्य सचिव को तलब किए जाने और हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद भोपाल नगर निगम और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. 15 सितंबर की सुनवाई में सरकार को अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा.

इससे पहले सोमवार को 40 मामलों की सुनवाई हुई थी
बता दें कि मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में भोपाल में सीलिंग से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई थी. जस्टिस विशाल मिश्रा की अदालत में 60 से ज़्यादा मामलों पर सुनवाई हुई थी. बाकी मामलों पर सुनवाई बुधवार तक जारी रही. पहले दिन यानी सोमवार को करीब 40 मामलों पर सुनवाई हुई थी. इस बीच, सीलिंग की कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी का दावा है कि नगर निगम द्वारा सील की गई 170 से ज़्यादा दुकानें बिना किसी आधिकारिक आदेश के फिर से खुल गई हैं. उन्होंने इस मामले में नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई है और अपने वकील के जरिए सुप्रीम कोर्ट को भी स्थिति से अवगत कराया है.

अब जानिए पूरा मामला
दरअसल, भोपाल सीलिंग मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भोपाल नगर निगम ने आवासीय इलाकों में अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है.  इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, दुकान और शोरूम जैसी व्यावसायिक गतिविधियों पर तालेबंदी की जा रही है. नगर निगम ने शहर के अरेरा कॉलोनी सहित कई पॉश इलाकों में आवासीय प्लॉट पर संचालित हो रही हजारों दुकानों और प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर बड़े पैमाने पर सीलिंग अभियान चलाया है. 
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES