नए कानून, आतंकवाद और साइबर क्राइम पर रोडमैप होगा तैयार, माओवाद पर भी कड़ा प्रहार; अमित शाह लेंगे हाई-लेवल बैठक
MP News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भोपाल में देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर उच्च-स्तरीय दो घंटे की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, IB प्रमुख, NCRB के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, 3 अक्टूबर को भोपाल में एक हाई-लेवल बैठक करने वाले हैं. इस बैठक का मकसद देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और आधुनिक, पारदर्शी और अभेद्य बनाना है. देश में अपनी तरह की इस पहली दो घंटे की बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, जिनमें केंद्रीय गृह सचिव, IB चीफ और NCRB के प्रमुख भी होंगे. बैठक के दौरान नए आपराधिक कानूनों को लागू करने, आतंकवाद, माओवादी हिंसा और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर तालमेल जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत रणनीति बनाई जाएगी. इस बैठक में खासतौर पर बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर विशेष फोकस रहेगा.
अमित शाह लेंगे हाई-लेवल बैठक
इस बैठक का मुख्य एजेंडा देश में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन और पुलिस बल को अत्याधुनिक फोरेंसिक संसाधनों (जैसे मोबाइल वैन) से लैस करने की समीक्षा करना है. इसके अलावा, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने, माओवादी हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में अशांति खत्म होने के बाद सुरक्षा और विकास की पहलों को तेज करने, और नशा-मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने पर भी गंभीर चर्चा की जाएगी.
साइबर अपराध पर विशेष फोकस
इस बैठक में बढ़ते साइबर अपराधों, खासकर डिजिटल और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल और एक इंटीग्रेटेड रिस्पॉन्स सिस्टम पर खास जोर दिया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों के आपसी सहयोग को बढ़ाकर और तेजी से कार्रवाई करने के सिस्टम को बेहतर बनाकर देश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा.
225 करोड़ के डेयरी प्लांट का भूमिपूजन
इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होने वाले गोपालक सम्मेलन में 35,000 लोग शामिल होंगे. इस अवसर पर गृह मंत्री मध्य प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का भूमिपूजन करेंगे. इस प्लांट की शुरुआती क्षमता 3 लाख लीटर प्रतिदिन होगी. साथ ही, जुलाई-अगस्त 2026 की अवधि के लिए रखरखाव अनुदान के तौर पर रजिस्टर्ड गौशालाओं को DBT के ज़रिए ₹101 करोड़ से ज़्यादा की राशि ट्रांसफर की जाएगी. भोपाल और इंदौर मिल्क यूनियन से जुड़े दूध उत्पादकों को लगभग ₹12 करोड़ का बोनस भी बांटा जाएगा.
भोपाल में आंतरिक सुरक्षा को लेकर लिए गए मजबूत फैसलों और उज्जैन में गोपालक के विशाल सम्मेलन की वजह से मध्य प्रदेश को सुरक्षा और समृद्धि, दोनों ही मोर्चों पर एक नई दिशा मिली है. डेयरी सेक्टर में ₹255 करोड़ का निवेश और गौशालाओं के लिए ₹101 करोड़ की ग्रांट राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मज़बूती देगी.