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मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें प्यार, धोखे और साजिश की एक खौफनाक कहानी उजागर हुई है. जोशी नगर निवासी सत्य प्रकाश, उर्फ बादशाह जाटव पर अपनी लिव-इन पार्टनर स्नेहलता की हत्या करने का गंभीर आरोप है. स्नेहलता भिंड स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग ऑफिसर थीं. पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद ही स्नेहलता के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, पोस्टर छपवाए और अधिकारियों को गुमराह करने के लिए उन्हें खोजने का नाटक किया. हालांकि, पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों ने इस मामले को एक बेहद डरावना मोड़ दे दिया.
पुलिस के अनुसार, बिहार की रहने वाली स्नेहलता और सत्य प्रकाश की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी. दोनों कई सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और उनका एक बेटा भी है. बताया जा रहा है कि सत्य प्रकाश पहले से शादीशुदा था और स्नेहलता के साथ उसके रिश्ते की वजह से अक्सर घर में झगड़े होते थे. पुलिस अपनी जांच में इस पारिवारिक तनाव को मामले के एक अहम पहलू के तौर पर देख रही है.
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर को सत्य प्रकाश ने अपने बेटे को अपनी पत्नी को सौंप दिया और स्नेहलता के साथ यह कहकर निकल गया कि वह उसे कानपुर घुमाने ले जा रहा है. उसके साथ एम्बुलेंस ड्राइवर राजवीर खन्ना और एक अन्य व्यक्ति भी था. आरोप है कि रास्ते में ही स्नेहलता की हत्या कर दी गई और उसके शव को उत्तर प्रदेश के पचनदा संगम में ठिकाने लगा दिया गया. पुलिस इस घटना की पूरी परिस्थितियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच कर रही है.
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्नेहलता की हत्या का आरोप सत्य प्रकाश पर है, उसी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर उसने तलाश का नाटक भी किया था. यह खुलासा पुलिस जांच में हुआ है. शुरू में यह मामला लापता होने का लग रहा था, लेकिन अब यह हत्या और साक्ष्य छिपाने के संदेह में बदल गया है. पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है.
इस बीच, पुलिस के लिए स्नेहलता का शव बरामद करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. सिटी कोतवाली पुलिस, होम गार्ड और SDRF की टीमें पचनदा संगम से औरैया की ओर नदी के 25 किलोमीटर लंबे हिस्से में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं. पिछले दो दिनों से तलाशी चल रही है, लेकिन अभी तक शव नहीं मिल पाया है. नदी का बहुत बड़ा दायरा और पानी की तेज धारा तलाशी अभियान में काफी मुश्किलें पैदा कर रही हैं.
फिलहाल, स्नेहलता का शव न मिल पाने के कारण कई सवाल अनसुलझें हैं. अब सबकी निगाहें पुलिस के सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं कि, आखिर कब स्नेहलता का शव मिलता है और इस सनसनीखेज मामले की बाकी कड़ियां खुलती हैं.