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रक्षाबंधन पर भर आईं आंखें...बैतूल जेल में बहनों ने बांधी राखी, बच्चों को गले लगाकर रो पड़े पिता

Betul Jail News: मध्य प्रदेश की बैतूल जिला जेल में रक्षाबंधन के मौके पर अनोखी व्यवस्था की गई. इसके जरिए 50 बच्चों ने पहली बार जेल के अंदर अपने पिता संग खाना खाया. इस दौरान बच्चों को गले लगाकर कई कैदी रो पड़े.

रक्षाबंधन पर भर आईं आंखें...बैतूल जेल में बहनों ने बांधी राखी, बच्चों को गले लगाकर रो पड़े पिता
Image Credit: बैतूल जेल में बहनों ने बांधी राखी

Betul Rakshabandhan News: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बैतूल जिला जेल में भावनाओं का ऐसा सीन देखने को मिला, जिसने जेल की कठोर दीवारों को भी मानो पिघला दिया हो. एक तरफ करीब 800 बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, तो दूसरी ओर उम्रकैद की सजा काट रहे बंदियों को पहली बार अपने बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने का अवसर मिला. वर्षों बाद बच्चों को सामने देखकर कई कैदी खुद को रोक नहीं सके और उनकी आंखें नम हो गईं.

रक्षाबंधन के मौके पर सुबह से ही जिला जेल में बहनों का पहुंचना शुरू हो गया था. दोपहर तक करीब 800 बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की कामना की. जेल परिसर में भाई-बहन के इस मिलन ने भावुक माहौल बना दिया.
Betul Jailबंदियों की आंखों में आंसू
इस बार जेल प्रशासन ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों के लिए विशेष पहल करते हुए उनके बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था की. करीब 50 बच्चों ने पहली बार जेल के भीतर अपने पिता के साथ खाना खाया. वर्षों बाद बच्चों को गले लगाकर कई बंदियों की आंखों से आंसू छलक पड़े. आजीवन कारावास का बंदियों ने बताया कि चार साल में पहली बार बच्चों के साथ बैठकर खाना खाया. बहुत अच्छा लग रहा है. ऐसा मौका पहले कभी नहीं मिला था. बहनों और बच्चों के साथ यह दिन मेरे लिए यादगार रहेगा.
Betul Jail
क्या बोले जेल अधीक्षक ?
जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी ने बताया कि मध्यप्रदेश के महानिदेशक जेल के निर्देश पर रक्षाबंधन के अवसर पर प्रत्यक्ष मुलाकात की व्यवस्था की गई है. उनका कहना है कि परिवार से जुड़ाव बंदियों में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने से उनमें बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है.

बैतूल जेल में 527 कैदी 
बैतूल जिला जेल में इस समय कुल 527 बंदी कैद हैं, जिनमें 504 पुरुष और 23 महिला बंदी शामिल हैं. दोपहर तीन बजे तक लगभग 300 बंदियों को 800 बहनों ने राखी बांधी और यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा. रक्षाबंधन पर बैतूल जिला जेल का यह भावुक दृश्य यह संदेश देता है कि रिश्तों की डोर सबसे मजबूत होती है. जेल की ऊंची दीवारों के पीछे भी भाई-बहन का प्यार और पिता-बच्चों का अपनापन हर किसी की आंखें नम कर गया.

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Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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