छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का काफी असर देखने को मिल रहा है. भारी बारिश के चलते अब डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. शनिवार को बारिश न होने के बावजूद भी बस्तर में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है. प्रशासन की तरफ से राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है. शनिवार को दिनभर में 130 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. जिन्हें राहत शिविरों में पहुंचाया गया गया है.
शुक्रवार को भी SDRF टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में से 88 लोगों का सफल रेस्क्यू किया था. प्रशासन ने बस्तर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कुल 43 राहत शिविर बनाए हैं. इन शिविरों में अभी साढ़े चार हजार से ज्यादा प्रभावित लोग रह रहे हैं. लगातार पानी बढ़ने से कई इलाकों में लोगों की परेशानी बनी हुई है.
बेलगांव में पानी से घिरे घर
बकावंड ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनियागांव के ग्राम बेलगांव से ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर मदद की गुहार लगाई है. ग्रामीणों का कहना है कि वे बाढ़ में फंसे हुए हैं और कई घरों में लोग अब भी मौजूद हैं. वीडियो में गांव के कई हिस्सों में पानी भरा नजर आने और घरों के आसपास बाढ़ का पानी होने की बात कही गई है.
महिलाओं बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि बेलगांव में महिलाएं, बुजुर्ग और गरीब परिवार भी बाढ़ के बीच फंसे हुए हैं. उनका कहना है कि कई घरों में हालात खराब हैं. कुछ घर पानी से आधे डूब चुके हैं. ग्रामीणों ने बताया कि पानी कम होने के बाद ही प्रशासन की टीम नजर आती है.
अलर्ट को लेकर ग्रामीणों की शिकायत
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि इलाके में अलर्ट तब जारी किया जाता है, जब पानी घरों के अंदर आने लगता है या रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बेलगांव में कुछ लोग दो-तीन दिन से भूखे-प्यासे फंसे हैं. वो मदद का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने मौके की स्थिति दिखाते हुए प्रशासन से मदद मांगी.
इंद्रावती बढ़ी तो खतरा बढ़ेगा
बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर शनिवार रात 8 बजे तक 12.56 मीटर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है. यह संभावित जलस्तर खतरे के निशान से करीब 4.26 मीटर अधिक है. इसके चलते बस्तर के तटीय और निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने और बाढ़ की आशंका बनी हुई है. प्रशासन की राहत-बचाव व्यवस्था लगातार जारी है.
(रिपोर्टः अनूप अवस्थी, जगदलपुर)