दिल्ली की तर्ज पर भोपाल में भी धरना-प्रदर्शन पर रोक: 3 चौराहों पर आंदोलन नहीं, 2 महीने तक लागू रहेगी पाबंदी
दिल्ली की तर्ज पर अब भोपाल में भी प्रमुख चौराहों पर विरोध-प्रदर्शन करने और पुतले जलाने पर रोक लगा दी गई है. पुलिस कमिश्नरेट ने धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है.
राजधानी दिल्ली की तर्ज पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी जन-सुविधा बढ़ाने और यातायात प्रबंधन में सुधार के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत एक सख्त आदेश जारी किया है. इसके तहत शहर के प्रमुख और अधिक यातायात वाले स्थानों- रोशनपुरा चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा और किलोल पार्क में धरना, विरोध-प्रदर्शन, हड़ताल और प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
प्रदर्शन के साथ पुतला दहन पर भी प्रतिबंध
इन जगहों पर विरोध-प्रदर्शन करने और पुतले जलाने पर रोक लगा दी गई है. प्रशासन के इस कड़े फैसले का मकसद इन मुख्य रास्तों पर बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम और होने वाली रुकावटों को दूर करना है. इस आदेश का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही में कोई बाधा न आए. ये रास्ते राजभवन, हवाई अड्डे और हमीदिया अस्पताल जैसी बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जगहों की ओर जाते हैं.
2 महीने तक लागू रहेगी पाबंदी
यह निर्णय शहर के मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित होने के कारण लिया गया है. इससे एम्बुलेंस और दमकल गाड़ियों जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित हो सकेगी. राजभवन, हवाई अड्डे और हमीदिया अस्पताल की ओर जाने वाले इस मार्ग के अत्यंत महत्वपूर्ण होने को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. इसका उद्देश्य चौराहे पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों के कारण आम जनता को होने वाली परेशानी को रोकना है. भोपाल पुलिस द्वारा जारी इस आदेश के तहत रोशनपुरा चौराहे को 'प्रतिबंधित क्षेत्र' (रिस्ट्रिक्टेड ज़ोन) घोषित कर दिया गया है. यह आदेश जारी होने की तारीख से अगले दो महीनों तक लागू रहेगा.
ट्रैफिक जाम से लोगों को मिलेगी राहत
भोपाल के प्रमुख चौराहों पर विरोध-प्रदर्शन करने और पुतले जलाने पर लगाई गई रोक शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम जनता को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है. रोशनपुरा, पॉलिटेक्निक और किलोल पार्क जैसे अधिक ट्रैफिक वाले मार्गों पर अक्सर लगने वाले जाम से न केवल आम नागरिकों को परेशानी होती थी, बल्कि एम्बुलेंस और दमकल गाड़ियों जैसी आपातकालीन सेवाओं में भी बाधा आती थी. प्रशासन के इस सख्त फैसले से अब इन महत्वपूर्ण और अत्यंत संवेदनशील मार्गों पर यातायात बिना किसी रुकावट के चल सकेगा.