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'हर स्कूल में पढ़ाया जाए रामचरितमानस', बाबा बागेश्वर ने की बड़ी मांग! बोले- तभी भारत बनेगा विश्वगुरु

करेरा में श्री राम कथा कार्यक्रम के दौरान बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि पूरे भारत के हर स्कूल में रामचरितमानस का अध्ययन अनिवार्य किया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि वह इस संबंध में केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 27, 2026, 07:53 AM IST | Updated: Oct 27, 2026, 07:58 AM IST
Image Credit: बाबा बागेश्वर ने की बड़ी मांग!
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छतरपुर के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं. शिवपुरी जिले के करेरा में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के पहले दिन उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों और चरित्र पर प्रकाश डालते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी मांग रख दी. बाबा बागेश्वर ने कहा कि अगर भारत को सच में विश्वगुरु बनना है, तो इसकी शुरुआत स्कूलों से करनी होगी. इसके लिए भारत के हर स्कूल में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस का अध्ययन अनिवार्य किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि रामचरितमानस सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ग्रंथ है, जिससे बच्चों में संस्कार और नैतिक मूल्य आएंगे.

बाबा बागेश्वर ने बताया विश्वगुरु बनने का रास्ता

भगवान श्रीराम के चरित्र पर चर्चा करते हुए बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत के हर स्कूल में रामचरितमानस का अध्ययन अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार से आग्रह करेंगे कि देश भर के हर स्कूल में रामचरितमानस पढ़ाई जाए. जिस दिन भारत का हर व्यक्ति रामचरितमानस की शिक्षाओं और आदर्शों के अनुसार अपना जीवन जीना शुरू कर देगा, उस दिन भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए केवल नारे लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी. रामचरितमानस के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर, भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है.

'संविधान के साथ रामचरितमानस भी जरूरी'

बागेश्वर बाबा ने कहा कि जो व्यक्ति भारत के संविधान के अनुसार अपना जीवन जीता है, वह राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा और कर्तव्यों का पालन करता है. लेकिन सवाल यह उठता है कि संविधान के अलावा और कौन सा ग्रंथ मनुष्य के भीतर मानवता की भावना जगा सकता है? रामचरितमानस एक ऐसा ही ग्रंथ है. इसे पढ़ने से मानवीय मूल्यों, करुणा और सदाचरण को बढ़ावा मिलता है. यह एक ऐसा ग्रंथ है जो व्यक्ति को सच्चा इंसान बनने की प्रेरणा देता है और उसे श्रेष्ठ मानवीय आदर्शों के मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित करता है.

यह भी पढ़ें: 'मैं कभी हिंदुत्व का समर्थक नहीं रहा', दिग्विजय सिंह का सनातन पर बयान, वोट चोरी पर भी बोले
 

अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं बाबा बागेश्वर

गौरतलब है कि बाबा बागेश्वर अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं. अब करेरा में श्री राम कथा के पहले ही दिन बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दी गई ये टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है. भारतीय संस्कृति, शिक्षा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने स्कूली पाठ्यक्रम में रामचरितमानस को शामिल करने की बात कही है, जो देश में एक नई वैचारिक बहस को जन्म दे सकती है. 
 

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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