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कल्पना मिश्रा मामलाः 43 बाद एक और डॉक्टर पर गिरी गाज, जानिए क्या है विवाद?

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है. 43 दिन बाद एक और डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है. आइए, पूरे मामले के बारे में आपको बताते हैं.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 08, 2026, 06:04 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 08:52 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
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रीवा की कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत मामले को 43 दिन बीत चुके हैं. इसमें एक के बाद एक  एक्शन लिए जा रहे हैं. इस मामले में एक और डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, जिले के संजय गांधी स्मृति अस्पताल में 26 अगस्त की रात कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत हो गई थी. उसका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह इलाज के दौरान खुद को बचाने की गुहार लगा रही थी. वीड़ियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था, इलाज में लापरवाही और जिम्मेदार डॉक्टरों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे.

शुरुआती कार्रवाई के दौरान दो डॉक्टरों सोनल अग्रवाल और निधि पांडे समेत दो नर्सिंग अधिकारियों पर गाज गिरी थी. वहीं संजय गांधी अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉक्टर राहुल मिश्रा को भी पद से हटा दिया गया. इसके बाद डॉक्टर प्रियंक शर्मा को अधीक्षक के रूप में प्रभार सौंपा गया था. वहीं श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन डीन डॉक्टर सुनील कुमार अग्रवाल को भी पद से हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर कर दिया गया.

कहां - कहां हुई कार्रवाई?
हालांकि, कल्पना मौत से जुड़े मामले में अथर्व ब्लड सेंटर के खिलाफ भी एक एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए.  साथ ही रीवा के औषधी निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को भी निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा, डॉक्टर सोनल अग्रवाल की सेवाएं भी अलग मामले में समाप्त कर दी गईं. इतना ही नहीं उन्हें भविष्य में सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई. मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी सात बिंदुओं पर चल रही है, जिसमें अस्पताल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी, ड्यूटी रोस्टर और स्टाफ की भूमिका जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है.

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तत्काल प्रभाव से निलंबित 
अब इस पूरे मामले में एक और बड़ा एक्शन सामने आया है. भोपाल से 24 सितंबर को जारी निर्देशों के अनुपालन में संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. गुंजन गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन आदेश कल्पना मिश्रा की प्रसव के दौरान हुई मौत की जांच के संदर्भ में जारी किया गया है. निलंबन अवधि में उनका कार्यस्थल संयुक्त संचालक-सह-अधीक्षक, गांधी स्मारक चिकित्सालय रीवा के अधीन रहेगा.

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43 दिन बाद कार्रवाई जारी
यानी 26 अगस्त की उस दर्दनाक घटना के 43 दिन बाद भी कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है. अब एक और वरिष्ठ चिकित्सक पर निलंबन की गाज गिरी है. एक के बाद एक हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच पूरी होने के बाद और किन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है और परिवार को न्याय कब मिलता है.

(रिपोर्टः अजय मिश्रा, रीवा)
 

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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