"आपकी महत्वाकांक्षाएं और सपने उसी माहौल से तय होते हैं, जिसमें आप सांस लेते हैं. आज आप बड़े सपने इसलिए देख पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें पूरा करने के लिए देश में एक मजबूत इकोसिस्टम बन चुका है. जब हम गर्व से कहते हैं कि भारतीय आज दुनिया की टॉप कंपनियों को लीड कर रहे हैं, तो फिर खुद भारतीयों द्वारा बनाई गई कंपनियां दुनिया को लीड क्यों नहीं कर सकतीं? आपके पास क्षमता, ज्ञान और नेटवर्क सब कुछ मौजूद है, इसलिए अब भारत के ग्लोबल लीडर बनने का समय आ गया है."
05 Sep 2026 20:53 IST (IST)
पीएम मोदी ने किया 2013 और अब का कंपैरिजन
उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश को इन संकटों से उबारना कोई आसान काम नहीं था. 2013 में जब केदारनाथ में भयानक आपदा आई थी, तब तत्कालीन सरकार पूरी तरह हिल गई थी. इसी तरह 2008 के बैंकिंग संकट में भारत पिछड़ गया था और उसी साल हुए 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद भी सरकार पाकिस्तान को सबक तक नहीं सिखा पाई थी.
हाल के वर्षों के संकटों और विरोधी ताकतों पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा:
"देश ने एक के बाद एक कई बड़े चक्रवात झेले, कोरोना की महाआपदा आई, रूस-यूक्रेन युद्ध छिड़ा, वैश्विक व्यापार को हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया और पश्चिम एशिया में जंग छिड़ी. इन संकटों को देखकर भारत का बुरा चाहने वालों को लगा कि अब तो मोदी को कुचल देंगे... लेकिन उनका यह सपना और हसरत धरी की धरी रह गई."
05 Sep 2026 20:48 IST (IST)
नक्सल खुद-ब-खुद हो रहे हैं बेनकाब
देश के खिलाफ माहौल बनाने वाली ताकतों पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा:
"भारत की इस तेज रफ्तार और सुरक्षा को देखकर कुछ लोगों में भारी बौखलाहट है. ऐसे दिमागी नक्सलियों के इलाज के लिए मैंने 15 अगस्त को लाल किले से होम्योपैथी की एक खुराक दी थी. जैसे होम्योपैथी की दवा बीमारी के लक्षणों को पहले थोड़ा उभारकर बाहर लाती है, ठीक वैसे ही मेरी उस बात के बाद ये सारे दिमागी नक्सल खुद-ब-खुद बेनकाब होकर बाहर आने लगे हैं. अच्छी बात ये है कि देश की जनता अब इनका असली चेहरा और रंग साफ-साफ देख रही है."
05 Sep 2026 20:47 IST (IST)
पीएम मोदी ने गिनाईं बीते दशक की बड़ी उपलब्धियां
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती साख और देश विरोधियों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दशक की बड़ी उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं. जब दुनिया भर में नए बाजार खुलते हैं, तो इसका सीधा फायदा भारत के युवाओं को होता है और उनके लिए रोजगार व इनोवेशन के नए मौके बनते हैं.
05 Sep 2026 20:44 IST (IST)
कुछ भी करो तो, मैदान में आ जाते हैं नाराज फूफा
आगे उन्होंने देश के बड़े प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि:-
"जब हमने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई, तो उन्होंने कहा इसकी क्या जरूरत थी. बुलेट ट्रेन, यूपीआई, सेमीकंडक्टर चिप्स और नई संसद भवन के निर्माण पर भी उनका यही सवाल था. यहां तक कि जब हमने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद जवानों के सम्मान में नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया, तो ये फूफा फिर मैदान में आ गए. लेकिन आज का नया भारत ऐसे हर नकारात्मक रवैये को दरकिनार कर लगातार आगे बढ़ रहा है."
05 Sep 2026 20:43 IST (IST)
शादी-ब्याह वाले नाराज फूफा...
विरोधियों के इस रवैये पर चुटकी लेते हुए पीएम मोदी बोले:
"दूसरी प्रजाति के लोग वो हैं, जो शादी-ब्याह में हर बात पर मुंह फुलाने वाले नाराज फूफा बन जाते हैं. देश में कुछ भी नया या बड़ा हो, उनका एक ही रटा-रटाया डायलॉग होता है 'अरे, इसकी क्या जरूरत थी?'"
05 Sep 2026 20:40 IST (IST)
विपक्ष के रवैये पर कसा तंज
विपक्ष के नेगेटिव रवैये और देश के विकास पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मजाकिया अंदाज में नाराज फूफा का उदाहरण देकर जोरदार हमला बोला.
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में अलग-अलग मानसिकता के लोग रहते हैं. एक वो जो सकारात्मक सोच के साथ समाज की ताकत को राष्ट्र निर्माण में लगाते हैं, और दूसरे वो जो हर बड़े काम में अड़ंगा लगाते हैं.
05 Sep 2026 20:37 IST (IST)
बड़े सपने देखना है मेरी आदत- पीएम मोदी
अपने काम करने के अंदाज और विजन पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि-
"मैं छोटे और आसान लक्ष्य तय करने वाला इंसान नहीं हूं. मेरी आदत बड़े सपने देखने और देश के लिए बड़े लक्ष्य हासिल करने की है, क्योंकि भारत की क्षमता अब छोटे लक्ष्यों तक सीमित रहने की नहीं है."
05 Sep 2026 20:37 IST (IST)
मेड इन इंडिया का बज रहा है डंका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज दुनिया भर में मेड इन इंडिया का डंका बज रहा है. दुनिया के बड़े से बड़े दिग्गज स्मार्टफोन ब्रांड्स अब भारत में ही मैन्युफैक्चर हो रहे हैं, और देश आज ढाई लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा के मोबाइल फोन एक्सपोर्ट कर रहा है.
05 Sep 2026 20:34 IST (IST)
खाली ही रहेगा गिलास...
पीएम मोदी ने आलोचकों पर चुटीला हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग 2013 में भी निराशावादी थे, उनके लिए आज भी चीजें नहीं बदली हैं उन्होंने कहा "2013 में जिन लोगों के लिए गिलास आधा खाली था, उनके लिए आज भी वो आधा खाली ही रहेगा... और मैं यहां सिर्फ गिलास की ही बात कर रहा हूं"
05 Sep 2026 20:31 IST (IST)
पैदा हो रहे हैं रोजगार के नए अवसर
आज की आर्थिक तेजी और विरोधी ताकतों पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा:
"जो लोग कभी भारत को फ्रेजाइल 5 में धकेलने के लिए जिम्मेदार थे, शायद वे आज इन बदलावों को न स्वीकारें, लेकिन देश का युवा और आम नागरिक इस सच को बखूबी समझता है. आज देश में कंज्यूमर डिमांड लगातार बढ़ रही है और अकेले स्टील प्रोडक्शन में 8% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज हुई है. भारत न सिर्फ तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है."
05 Sep 2026 20:30 IST (IST)
आर्थिक स्थिरता का जीता-जागता सबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को दुनिया की 5 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में देख रही है. हाल ही में आई 7.8% की जीडीपी ग्रोथ रेट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक बढ़त ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हासिल हुई है, जब मिडिल ईस्ट में भीषण युद्ध चल रहा है और वैश्विक व्यापार में कई तरह की रुकावटें आ रही हैं. ये आंकड़ा भारत के मजबूत सामर्थ्य और आर्थिक स्थिरता का जीता-जागता सबूत है.
05 Sep 2026 20:24 IST (IST)
आतंकी पूरी तरह पस्त हैं...
आज के बदलते भारत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा:
"लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. अब आतंकी पूरी तरह पस्त हैं. अगर पाकिस्तान कोई भी दुस्साहस या नापाक हरकत करता है, तो हमारी भारतीय सेना उसके घर में घुसकर मारती है. वहीं, देश के भीतर माओवादी और नक्सली आतंकवाद की कमर पूरी तरह तोड़ी जा चुकी है."
05 Sep 2026 20:23 IST (IST)
2013 की स्थिति की तुलना आज के भारत से...
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2013 के दौर को याद दिलाते हुए छात्रों को उस समय के हालात जानने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि उस वक्त आज की युवा पीढ़ी शायद स्कूल में रही होगी, लेकिन अगर वे उस समय की खबरें पढ़ेंगे तो देश की स्थिति समझ आएगी.
पीएम मोदी ने 2013 की स्थिति की तुलना आज के भारत से करते हुए कहा:
"उस समय इंटरनेट और अखबारों की हेडलाइंस होती थीं- एलओसी पर सैनिकों की हत्या, वर्ल्ड बैंक द्वारा भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाना, 10% के करीब पहुंची महंगाई, हेलिकॉप्टर घोटाले में घूसखोरी और हैदराबाद में बम धमाके. देश की अर्थव्यवस्था बेहाल थी और दुनिया भारत को 'फ्रेजाइल 5' (कमजोर देशों) में गिनती थी. तब चारों तरफ सिर्फ हताशा, निराशा और संघर्ष ही था."
05 Sep 2026 20:15 IST (IST)
शेयर किया 13 साल पुराना किस्सा...
पीएम मोदी ने बताया कि इतने सालों बाद भी उस दिन के प्रभाव को लोग भूले नहीं हैं, उन्होंने कहा कि:-
"तब आप लोगों की जगह आपके सीनियर्स बैठे थे. मैं उस समय गुजरात का मुख्यमंत्री था और विपक्ष में था. बहुत से लोगों को लगता था कि मैं SRCC के इस मंच से तत्कालीन केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमलों और आरोपों की झड़ी लगा दूंगा. लेकिन मैंने इस पवित्र शैक्षणिक मंच का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया. मैंने देश के सामने एक विजन रखा था, और जो कुछ भी कहा था,वो मेरा अटूट विश्वास और कनविक्शन था."
05 Sep 2026 20:13 IST (IST)
स्वर्गीय अरुण जेटली को किया याद
अपने पुराने साथी स्वर्गीय अरुण जेटली को याद करते हुए पीएम ने एक मजेदार किस्सा साझा किया. उन्होंने कहा कि अरुण जी भी इसी कॉलेज से पढ़े थे और हमारी जब भी मुलाकात होती, वो SRCC की बातें शुरू कर देते थे. कई बार तो मैं उनकी इन बातों से तंग आ जाता था.
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि लोग आज भी 2013 में दिए गए उनके संबोधन को याद कर रहे हैं और नई पीढ़ी के छात्र भी उस पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी रीविजिट कर रहे हैं.
05 Sep 2026 20:12 IST (IST)
मोदी जी का कूल अंदाज...
युवाओं के कूल अंदाज को जोड़ते हुए पीएम मोदी बोले:
"आज भी जब कोई पूछता है कि DU में कौन सा कॉलेज मिला, तो मुंह से 'SRCC' निकलना ही अपने आप में बड़ा 'फ्लेक्स' (Flex) है! आपकी ही भाषा में कहूं तो इस कॉलेज के एलुमिनाई सही मायनों में 'OG' और असली धुरंधर हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है."
05 Sep 2026 20:09 IST (IST)
बड़ा पेड़ बन चुका है ये कॉलेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से उनकी ही भाषा में संवाद करते हुए कहा कि SRCC की शुरुआत दरियागंज की एक छोटी सी जगह से हुई थी, जो आज एक विशाल बरगद का पेड़ बन चुका है जिसने अनगिनत जिंदगियों को छांव दी है.
05 Sep 2026 19:56 IST (IST)
मैं तो यहां छठा खिलाड़ी हुं
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से SRCC के कई दिग्गज पूर्व छात्रों का जिक्र किया और एक चुटीले अंदाज में बोले- मैं तो यहां छठा खिलाड़ी हुं
इस मौके को देश के शिक्षा जगत के लिए बेहद जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि आज इस ऐतिहासिक पल में SRCC से जुड़ी कई पीढ़ियों का एक साथ आना अपने आप में अद्भुत है.
05 Sep 2026 19:42 IST (IST)
पीएम मोदी ने किया श्रीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के संस्थापक सर श्रीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद, कॉलेज के चेयरमैन अजय एस. श्रीराम ने पीएम मोदी का मंच पर स्वागत किया.
हर्ष सिंह जी न्यूज डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. उन्होंने मार्च 2024 में जी न्यूज जॉइन किया था. वर्तमान में हर्ष धर्म और ज्योतिष से जुड़ी खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं. हर्ष को उनकी फैक्ट-आधारित और भरोसेमंद लेखन शैली के लिए जाना जाता है.बनारस के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले हर्ष अपनी पूरी ऊर्जा और समझ के साथ धर्म-कर्म और ऐस्ट्रो की दुनिया के खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं.अगर आप हर्ष सिंह से संपर्क करना चाहते हैं या उनसे जुड़ा कोई सुझाव साझा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस ईमेल आईडी पर लिख सकते हैं: Harsh.singh@India.com
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 साल पूरे होने के ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे. पीएम मोदी ने इस दौरान 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी किया, जिस पर कॉलेज की ऐतिहासिक बिल्डिंग का प्रारूप उकेरा गया है. युवाओं के बीच पहुंचे पीएम मोदी ने जब Gen Z की बोली बोली, तो पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा.
"मैं तो यहां 6th Man हूं... - पीएम मोदी संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने जब मंच से SRCC के कई दिग्गज पूर्व छात्रों का नाम लिया, तो चुटीले अंदाज में बोले— "मैं तो यहां छठा खिलाड़ी हूं" उन्होंने इस पल को शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक बताते हुए संस्थापक सर श्रीराम जी के योगदान को नमन किया. पीएम ने आगे कहा-
"जब कोई इंसान 100 साल जीता है तो अनुभवों का सागर माना जाता है, लेकिन जब कोई संस्थान 100 साल पूरे करता है तो वो उपलब्धियों का महासागर बन जाता है."
SRCC कहना ही अपने आप में बड़ा Flex है कॉलेज की दरियागंज से शुरू हुई छोटी सी यात्रा से लेकर आज के विशाल बरगद बनने तक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने युवाओं के कूल स्टाइल में कहा:
"आज भी जब कोई पूछता है कि DU में कौन सा कॉलेज मिला, तो SRCC कहना ही अपने आप में बड़ा Flex है! आपकी भाषा में कहूं तो इस कॉलेज के एलुमिनाई सही मायनों में OG और असली धुरंधर हैं."
उन्होंने अपने पुराने साथी अरुण जेटली को याद करते हुए मजेदार किस्सा सुनाया कि अरुण जी जब भी मिलते, SRCC की ही बातें करते थे. कभी-कभी तो मैं उनकी इन बातों से तंग आ जाता था!
2013 बनाम 2026: 'फ्रेजाइल 5' से दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था तक का सफर पीएम मोदी ने अपने 13 साल पुराने चर्चित भाषण को याद दिलाते हुए कहा कि 2013 में जब वे यहां आए थे, तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे. लोग उम्मीद कर रहे थे कि वे तत्कालीन केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमलों की झड़ी लगा देंगे, लेकिन उन्होंने एक विजन रखा था.
2013 की हेडलाइंस LOC पर जवानों की हत्या, 10% महंगाई, घोटाले, और 'फ्रेजाइल 5' अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए पीएम बोले कि तब सिर्फ निराशा थी. लेकिन आज हालात बदल चुके हैं.
"आज आतंकी पस्त हैं. पाकिस्तान कोई दुस्साहस करता है तो सेना घर में घुसकर मारती है. माओवादी आतंक की कमर टूट चुकी है. युद्ध और चुनौतियों के बावजूद हमने हाल ही में 7.8% की रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है."
पीएम ने विरोधियों पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो 2013 में निराशावादी थे, "गिलास उनके लिए आज भी खाली ही रहेगा."
नाराज फूफा और दिमागी नक्सलियों पर जोरदार हमला देश के विकास में रोड़े अटकाने वाली मानसिकता पर प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि समाज में कुछ लोग 'नाराज फूफा' की तरह होते हैं. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, बुलेट ट्रेन, UPI, सेमीकंडक्टर चिप्स, नई संसद या नेशनल वॉर मेमोरियल हर बड़े काम पर इनका एक ही रटा-रटाया डायलॉग होता है कि 'इसकी क्या जरूरत थी?'
विपक्ष और देशविरोधी ताकतों पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा:
"बीते दशक में भारत ने करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं, जिससे युवाओं के लिए अपार अवसर बने हैं. देश की इस तरक्की से कुछ 'दिमागी नक्सलियों' में बौखलाहट है. मैंने 15 अगस्त को लाल किले से जो होम्योपैथी की गोली दी थी, उससे ये सारे बेनकाब होकर बाहर आ रहे हैं और जनता इनका असली रंग देख रही है."