हार्ट अटैक आने पर घबराएं नहीं, एंबुलेंस आने से पहले, खिला दें ये 3 गोली, मैक्स के डॉ ने बताया गोल्डन ऑवर में बच सकती है जान
हार्ट अटैक आने पर गोल्डन ऑवर में इलाज मिलना बेहद जरूरी है. गोल्डन ऑवर में देरी की वजह से मरीज की जान जा सकती है. हार्ट अटैक आने पर मरीज को 3 गोली खिलाने से जान बच सकती है
गलत खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से कम उम्र में अधिकतर लोग हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. हार्ट अटैक आने पर इलाज में देरी की वजह से लोगों की जान चली जाती है. गोल्डन ऑवर में इलाज मिलना बेहद जरूरी है. हार्ट अटैक आने के 1 घंटे के अंदर इलाज ना मिलने की वजह से मरीज की जान भी जा सकती हैं. मैक्स हॉस्पिटल के कार्डियोलोजिस्ट डॉक्टर मनोज कुमार ने बताया है कि जब किसी को हार्ट अटैक आता है. इस दौरान मरीज को 3 गोली दी जा सकती है. इस गोली से मरीज की जान बच सकती है.
घर में किसी हार्ट अटैक आने कौन-सी दवाई खाएं
मैक्स हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर मनोज कुमार ने जी न्यूज से बातचीत में बताया हार्ट अटैक के दौरान मरीज को घबराना नहीं चाहिए. घबराने से तनाव बढ़ता है जिससे हार्ट पर ज्यादा दबाव बढ़ता है. हार्ट अटैक के दौरान हॉस्पिटल पहुंचने तक मरीज को डिस्प्रिन की गोली दे सकते हैं. डिस्प्रिन की गोली को पानी में घोलकर मरीज को खिला सकते हैं. डिस्प्रिन की गोली ब्लड क्लॉटिंग को रोकने में मदद करती है. गोली खाने के बाद वेट ना करें तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. हार्ट अटैक के 1 घंटे के अंदर इलाज मिलना बेहद जरूरी है.
सॉबिंट्रेट 5 Mg
डॉक्टर मनोज कुमार ने अनुसार किसी मरीज को हार्ट अटैक के दौरान सीने में तेज दर्द हो रहा है तो हॉस्पिटल जाने के रास्ते में आप sorbitrate 5mg की गोली मरीज को दे सकते हैं. इस दवाई को खाने से दर्द कम हो सकता है. 5mg से ज्यादा दवाई नहीं देनी चाहिए.
क्लोपिडोग्रेल 300 मिलीग्राम
हार्ट अटैक के समय में मरीज को आप clopidogrel 300 mg की दवाई भी दे सकते हैं. इस दवाई को खाने से शरीर में खून का थक्का नहीं जमता है. इस गोली को खाने से स्ट्रोक का रिस्क कम होता है. हार्ट अटैक आने के 1 घंटे के अंदर हॉस्पिटल जाएं. अगर समय पर इलाज नहीं मिला तो मरीज की कंडीशन सीरियस हो सकती है.
हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण
हार्ट अटैक आने से पहले शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं. इन लक्षणों की पहचान करके इस जानलेवा बीमारी से बचा सकता है.
चलने-फिरने के दौरान छाती में दर्द होना
सीढ़ियां चढ़ते समय भारीपन महसूस होना
चलते समय सांस का तेजी से फूलना
बैठे-बैठे पसीना आना
बैठने पर घबराहट होना
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत या स्किन से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.