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गुमला में हिंडालको के खिलाफ ग्रामीणों का हल्लाबोल, बॉक्साइट लदे ट्रकों को रोका

गुमला में हिंडालको के खिलाफ ग्रामीणों ने हल्लाबोल प्रदर्शन किया. घाघरा-नेतरहाट-रांची मुख्य मार्ग पर को जाम कर मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी.

Edited By Shailendra
Published: Sep 14, 2026, 06:52 PM IST | Updated: Sep 14, 2026, 06:59 PM IST
Image Credit: गुमला में हिंडालको के खिलाफ ग्रामीणों का हल्लाबोल (Photo- वीडियो ग्रैब)
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गुमला: हिंडालको कंपनी के रवैये और खनन प्रभावित गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के विरोध में 14 सितंबर, 2026 दिन सोमवार को दर्जनों गांवों के ग्रामीण सड़क पर उतर आए. ग्रामीणों ने करीब 11 बजे घाघरा-नेतरहाट-रांची मुख्य मार्ग पर इटकीरी और देवाकी गांव के बीच सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया.

आंदोलनकारियों ने बॉक्साइट लदे ट्रकों का आवागमन रोक दिया, जबकि आम लोगों के लिए सड़क खुली रखी गई. ग्रामीणों ने हिंडालको कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि खनिज क्षेत्र से निकाला जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. ग्रामीणों ने इटकीरी से सेरेंगदाग तक जर्जर सड़क का मुद्दा प्रमुखता से उठाया.

उनका कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं और बारिश में पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है. इससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी होती है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार खराब सड़क के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है.

ग्रामीणों ने पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में खनन होने के बावजूद प्रभावित गांवों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया.

वहीं, ग्रामीणों ने कुंजाम पाट क्षेत्र में कई भूमि रैयत मजदूरों को जमीन में बॉक्साइट खत्म होने का हवाला देकर नोटिस दिए जाने और काम से हटाने का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने प्रभावित मजदूरों के हित में कंपनी से ठोस पहल की मांग की. आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर ठोस पहल होने तक धरना जारी रहेगा. इसके लिए सड़क किनारे टेंट लगाकर आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है.

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे. मौके पर सेरेंगदाग, तूइमु, चिरोपाट, नींदी, बढ़ाकेचकी, जालिम, पेरवापाट, पइनपाट, शहीद समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीण मौजूद थे.

रिपोर्ट: रणधीर निधि

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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