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राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ एक बड़े अभियान में हजारीबाग पुलिस ने गिददी (उरीमारी) थाना क्षेत्र से एक अपराधी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार व्यक्ति के पास से हथियार बरामद करने के दौरान, उसने पुलिस पर गोली चला दी. इसके जवाब में पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में अपराधी घायल हो गया. इससे पहले, राहुल दुबे गिरोह के सदस्यों ने सैनिक माइनिंग कंपनी को निशाना बनाया था. जब उनकी रंगदारी की मांग पूरी नहीं हुई, तो उन्होंने कंपनी के गेट पर तैनात एक निजी सुरक्षा गार्ड को जान से मारने की नीयत से गोली चला दी. उन्होंने वहां राहुल दुबे गिरोह के पर्चे भी छोड़े. हमले में गंभीर रूप से घायल हुए सुरक्षा गार्ड का फिलहाल रांची के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.
मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना की विस्तृत जानकारी जुटाने और दोषियों को पकड़ने के लिए, बरकागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. जांच के दौरान, दुबे मरठिया (गढ़वा थाना, गढ़वा जिला) के रहने वाले राहुल दुबे गिरोह के सदस्य अंशु दुबे (22 वर्ष, पिता- राकेश कुमार द्विवेदी) की भूमिका संदिग्ध पाई गई. इसके बाद, SIT उसे आवश्यक पूछताछ के लिए उरीमारी आउटपोस्ट (OP) ले आई.
घटना के संबंध में कड़ी पूछताछ करने पर संदिग्ध अंशु दुबे ने बताया कि वह राहुल दुबे गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है और उसने राहुल दुबे के इशारे पर कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है. उसने स्वीकार किया कि 26 अक्टूबर 2026 की रात को उरीमारी इलाके में हुई गोलीबारी की घटना में वह राहुल दुबे गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ शामिल था. उसने यह भी बताया कि इस घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और बचे हुए पर्चे करमाटिला जंगल में छिपाकर रखे गए हैं, जिसे साथ चलने पर बरामद करवा सकते हैं.
इसके बाद, गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की एक टीम, अंशु दुबे को लेकर हथियार बरामद करने के लिए करमातिला जंगल गई. बरामदगी अभियान के दौरान, अंशु दुबे ने अचानक पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और अपने पास छिपाकर रखे हथियार से उन पर गोली चला दी. इसके जवाब में स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो अंशु दुबे के बाएं पैर में लगी. घायल अपराधी को प्राथमिक इलाज के लिए हजारीबाग के सदर अस्पताल ले जाया गया है.
रिपोर्ट: यादवेंद्र मुन्नू