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नई दिल्ली/रांची: रांची स्थित ट्रिपल आईटी में छात्र की मौत की जांच होगी. केंद्र सरकार ने इसके लिए एक कमेटी बनाई है. छात्र की मौत के बाद विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है. समिति को यह पता लगाना है कि घटना किन हालात में हुई? छात्रों की सुरक्षा, देखभाल और शिकायतों के समाधान के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की स्थिति क्या है? दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी इस जांच समिति की अध्यक्षता करेंगी. शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह सूचना जारी की. समिति में एक मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य होंगे.
समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह छात्र की मौत से जुड़े हालात की जांच करे और साथ ही संस्थान में बुनियादी सुविधाओं के बारे में पड़ताल भी करे. इसमें छात्रों को मिलने वाली मदद, काउंसिलिंग, मेंटरिंग और उनकी शिकायतों को सुनने की प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा. समिति यह देखेगी कि संस्थान में कहां कमी है और कैसे उसे दूर किया जा सकता है. समिति इसके लिए छात्रों और संस्थान के अधिकारियों से भी बातचीत करेगी. जरूरत पड़ने पर दस्तावेज और रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे.
इसके साथ ही समिति का काम अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्रों की बेहतरी और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव भी देगी. शिक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि संस्थान का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था भी की जा रही है. इसमें छात्रों के हितों और उनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाएगा.
बता दें कि ट्रिपल आईटी रांची में पहले साल के एक छात्र की मौत के बाद छात्र-छात्राएं प्रदर्शन कर रहे हैं. वे संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को हटाने के साथ ही हॉस्टल की बुनियादी सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. छात्रों ने एंबुलेंस, ऑक्सीजन, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं. ट्रिपल आईटी रांची सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत स्थापित संस्थान है.
-आईएएनएस