पाकुड़ दोहरा हत्याकांड: अदालत ने 10 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा, दो महिलाएं बरी, प्रत्येक पर 1 लाख का जुर्माना
Pakur News: पाकुड़ के गणेशपुर गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में अदालत ने 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है.साथ ही सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि दो महिला आरोपियों को बरी कर दिया गया है.
Pakur News: पाकुड़ जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने दोहरे हत्याकांड के एक संगीन मामले में फैसला सुनाते हुए 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि ठोस सबूतों के अभाव में दो महिला आरोपियों को बरी कर दिया गया है. अदालत ने 1 अक्टूबर 2026 को इन आरोपियों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद गुरुवार को सजा का ऐलान किया गया. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक लुकास कुमार हेम्ब्रम ने पक्ष रखा और कुल आठ गवाहों ने अदालत के समक्ष अपनी गवाही दर्ज कराई. सभी 10 दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा अन्य धाराओं के तहत भी सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
सोची-समझी साजिश के तहत हत्या
प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना 17 जून 2023 की शाम महेशपुर थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव में हुई थी. वादी लखिराम मुर्मू की शिकायत के अनुसार, उनके बेटे वकील मुर्मू और देवीधन मुर्मू पर आरोपियों ने गैरकानूनी मजमा बनाकर लाठी, डंडा, पत्थर और कुल्हाड़ी जैसे घातक हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया था. जान से मारने की नीयत से किए गए इस हमले में दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई थी. जब बेटी टुडू और अन्य लोग उन्हें बचाने पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया था. प्राथमिकी में यह भी बताया गया था कि हत्या की घटना एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी.
40 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
इस घटना को लेकर महेशपुर थाना में मामला दर्ज किया गया था. शुरुआत में इस मामले में कुल 37 नामजद तथा अन्य अज्ञात महिला और पुरुषों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बाद पुलिस ने जांच पूरी कर 40 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 12 आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया. इनमें से दो महिला आरोपियों को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए बरी कर दिया गया. वहीं, अदालत ने 10 आरोपियों को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार दिया.
10 आरोपियों को उम्र कैद
दोषी करार दिए गए 10 आरोपियों में प्रधान सोरेन, ताहा सोरेन उर्फ डेनेक, रामजी सोरेन, रमेश सोरेन, ईश्वर सोरेन, लिलू सोरेन, सोहन हेम्ब्रोम, रोशन सोरेन उर्फ राजेन सोरेन, बी.पी. सिंह सोरेन और कालिदास सोरेन शामिल हैं. अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा संबंधित धाराओं के तहत आजीवन सश्रम कारावास के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना और पांच साल के सश्रम कारावास के साथ 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. अन्य धाराओं के तहत भी सभी दोषियों को एक और दो साल के सश्रम कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई गई है.
रिपोर्ट: सोहन प्रमाणिक