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खाट पर सिस्टम: मरीज को खटिया पर लेकर पार कराई नदी, 5 किमी. पैदल चलकर पहुंचाया अस्पताल

महुआडांड़ प्रखंड के सुदूर दातुखाड़ गांव में सड़क नहीं होने से एक मरीज को गांव वालों ने खटिया पर लेकर अस्पताल पहुंचाया. इस घटना का वीडियो वायरल होने से शासन-प्रशासन की ओर से किए जाने वाले विकास के सारे दावों की पोल खुल गई.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 29, 2026, 07:54 AM IST | Updated: Sep 29, 2026, 08:24 AM IST
Image Credit: लातेहार में खाट पर सिस्टम (Zee Media)
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झारखंड की हेमंत सोरेन की ओर से गांव-गांव तक सड़क बनाने और विकास के दावे भले ही किए जाते हो, लेकिन उनके इन दावों की पोल लातेहार में खुल गई. यहां महुआडांड़ प्रखंड के सुदूर दातुखाड़ गांव में सड़क नहीं होने से एक मरीज को गांव वालों ने खटिया पर लेकर अस्पताल पहुंचाया. इस दौरान उन्हें दो बार नदी पार करना पड़ा और पांच किलोमीटर तक पैदल सफर तय करना पडा. दरअसल, गांव में सड़क नहीं रहने के कारण 30 वर्षीय सिम्पल कोरवा की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों को उसे खटिया पर लादकर करीब पांच किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा. इस दौरान ग्रामीणों ने नदी को दो बार पार किया जिसके बाद मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया. वहां से ऑटो के जरिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

जानकारी के मुताबिक, सिम्पल कोरवा पिछले करीब दो महीने से बवासीर की बीमारी से परेशान थे. अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. दर्द बढ़ने के कारण उनके लिए चलना और बैठना भी मुश्किल हो गया. गांव तक सड़क और वाहन की पहुंच नहीं होने के कारण परिजनों को खटिया पर मरीज को लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा. 

गांव के कुछ लोगों ने सामूहिक सहयोग करते हुए मरीज को खटिया पर लिटाया और करीब पांच किलोमीटर तक पैदल चले. रास्ते में नदी पड़ने के कारण उन्हें पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा.

काफी मशक्कत के बाद मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया, जहां से ऑटो से अस्पताल भेजा गया. इस घटना को लेकर ग्रामीण सुरेंद्र कोरबा ने बताया कि उनके गांव में आज भी सड़क नहीं है. जब भी कोई बीमार पड़ता है तो इसी तरह खटिया पर लादकर मरीज को बाहर ले जाना पड़ता है. नदी पार करके करीब पांच किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ता है. 

उन्होंने कहा कि अगर सड़क और पुल होता तो मरीज को इतनी परेशानी नहीं होती. उन्होंने कहा कि बीमारी के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है. गांव तक गाड़ी नहीं पहुंचती है, इसलिए मरीज को खटिया पर लेकर जाना पड़ता है. बरसात में नदी में पानी बढ़ जाता है तो परेशानी और भी बढ़ जाती है.

रिपोर्ट- संजीव कुमार गिरी

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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