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फेसबुक पर निशा का वीडियो है और फंदे से उतारने का फुटेज है, बीच का वीडियो कहां है? पिता ने कही लव जिहाद की बात

निशा भगत की मौत को लेकर परिजन में तो आक्रोश है ही, भारतीय जनता पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी तो निशा भगत के परिजन से मिल भी चुके हैं. स्थानीय विधायक ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

Edited By Sunil Mishra
Published: Nov 07, 2026, 01:33 PM IST | Updated: Nov 07, 2026, 01:49 PM IST
Image Credit: निशा भगत की मौत को लेकर पिता ने सवाल उठाए हैं और हत्या का आरोप लगाया है. (AI Image)
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निशा भगत की संदिग्ध हालात में मौत का मामला और भी गरमाता जा रहा है. निशा भगत के पिता ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या करार दिया है और सीबीआई जांच की मांग की है. पिता का आरोप है कि निशा भगत को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. उन्होंने मुख्यमंत्री के करीबी बताए जा रहे अजय तिर्की और पिठोरिया थाना प्रभारी पर भी निशा को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. इस संबंध में नामजद प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है. पिता ने वीडियो को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि फेसबुक पर निशा का वीडियो मौजूद है और फंदे से उतारने का वीडियो भी सामने आया है, लेकिन इन दोनों के बीच का वीडियो आखिर कहां है. घटनाक्रम से जुड़े इस अहम पहलू को सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है. बेटी को खोने का दर्द और न्याय की उम्मीद लिए पिता अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं. इस बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी निशा भगत के घर पहुंचे और परिजन से मुलाकात की.

निशा भगत के पिता का कहना है कि इसकी मौत से लव जिहाद वाले खुश हैं. डीलिस्टिंग वाले खुश हैं और माफिया खुश हैं. बाबूलाल मरांडी ने निशा भगत की मौत पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए है. निशा के पिता का कहना है कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. उन्होंने मुख्यमंत्री के करीबी बताए जा रहे अजय तिर्की और पिठोरिया थाना प्रभारी पर भी निशा को परेशान करने का आरोप लगाते हुए दोनों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है.

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बड़ी साजिश के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया: मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि निशा भगत को एक बड़ी साजिश के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया. उनका कहना है कि अगर पुलिस ने पहले मिली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की होती, तो शायद आज ऐसी घटना नहीं होती. उन्होंने बताया कि करीब चार महीने पहले निशा के घर में लूटपाट की घटना हुई थी, लेकिन उस मामले में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. मरांडी ने आरोप लगाया कि भू-माफिया और प्रशासन के बीच मिलीभगत के कारण जमीन पर कब्जे का खेल चल रहा है और निशा भगत जमीन से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष कर रही थीं. इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया.

मरांडी ने अजय तिर्की और पिठोरिया थाना प्रभारी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले का निष्पक्ष खुलासा केवल सीबीआई जांच से ही संभव है. उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन जमीन माफिया के संरक्षक बने हुए हैं. राज्य में जल, जंगल और जमीन की आवाज उठाने वाले आदिवासी युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है. ऐसे होनहार लोगों की या तो हत्या हो रही है, उनका एनकाउंटर हो रहा है या उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

'सरना और सनातन एक हैं' का संदेश देती थीं निशा भगत

उन्होंने कहा कि निशा भगत सरना और सनातन एक हैं का संदेश देती थीं, लेकिन उनकी विचारधारा को राजनीतिक चश्मे से देखा जाता था और उन्हें भाजपा से जोड़ने की कोशिश की जाती थी, जबकि उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है, तो मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. स्थानीय झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक भूषण तिर्की ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की वकालत की है. उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी हो, उन पर कार्रवाई तय होनी चाहिए.

निशा भगत की मौत की CBI जांच कराई जाए: BJP

राजधानी रांची स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसटी मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष समीर उरांव ने आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि निशा भगत एक होनहार और निडर आदिवासी बेटी थीं, जो आदिवासियों की जमीन, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठा रही थीं. उरांव ने आरोप लगाया कि निशा भगत को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था. कुछ दिन पहले अजय तिर्की का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गई थीं. निशा भगत ने पिठोरिया थाना में भी अपनी परेशानी बताई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की. अगर प्रशासन समय रहते उनकी मदद करता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.

उन्होंने कहा कि निशा भगत की मौत को महज आत्महत्या का मामला मानकर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके वीडियो में लगाए गए आरोपों और मौत से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. समीर उरांव ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि झारखंड में आदिवासियों के हक और अधिकारों की आवाज उठाने वालों के साथ अन्याय हो रहा है.

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समीर उरांव ने निशा भगत की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की. साथ ही अजय तिर्की की गिरफ्तारी, संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच, आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई और आदिवासी समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार आदिवासियों को सुरक्षा देने में सक्षम नहीं है तो मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

निशा भगत केस: BJP का ऐलान- पूरे झारखंड में हेमंत सोरेन का पुतला दहन

निशा भगत ने फेसबुक लाइव के बाद आत्महत्या कर ली थी. आत्महत्या से पहले उन्होंने राज्य सरकार, जमीन दलालों, थाना प्रभारी और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे. इस घटना के बाद झारखंड की राजनीति गरमा गई है. मामले के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के एसटी मोर्चा की ओर से शाम 5 बजे पूरे झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा. बीजेपी प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कहा कि जब तक इस मामले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक बीजेपी का आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर सड़क से सदन तक आवाज उठाती रहेगी.

निशा की बातों में सच्चाई होगी तो निश्चित कार्रवाई होगी: विकास

निशा भगत केस में झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक विकास मुंडा ने कहा, घटना दुखद है. खेद व्यक्त करेंगे. उन्होंने बहुत सी बातें कही हैं. अगर उनकी बातों में सच्चाई होगी, तो जांच होगी और कड़ी कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि मौत पर राजनीति ठीक नहीं है. यह कोशिश की जाएगी कि निशा भगत को न्याय मिले. निशा भगत ने मृत्यु से पहले जो बात कही है, अगर उसमें सच्चाई होगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच का इतिहास बहुत अच्छा नहीं रहा है, जांच होने दें, राज्य की एजेंसियों ने भी कई मामलों में जांच किया है और कार्रवाई हुई है. हम लोग सब प्रयास करेंगे कि न्याय मिले.

निशा भगत का चला जाना मर्माहत करता है: नवीन जायसवाल

दूसरी ओर, बीजेपी विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि निशा भगत का चला जाना मर्माहत करता है. संघर्षशील महिला, जो हमेशा मुखर रहती थी, उसके साथ इस तरह की वारदात होना दुखद है. इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए.

Disclaimer: जीवन अनमोल है. जी भरकर जिएं. इसका पूरी तरह सम्‍मान करें. हर पल का आनंद लें. किसी बात-विषय-घटना के कारण व्‍यथित हों तो जीवन से हार मानने की कोई जरूरत नहीं. अच्‍छे और बुरे दौर आते-जाते रहते हैं. लेकिन, कभी जब किसी कारण गहन हताशा, निराशा, डिप्रेशन महसूस करें तो सरकार द्वारा प्रदत्‍त हेल्‍पलाइन नंबर 9152987821 पर संपर्क करें.

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इंडस्ट्री में 2 दशकों का अनुभव है तो खबरों की बाजीगरी आती है. डिजिटल मीडिया में आधे दशक हो चुके हैं. लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में काम करना डिजिटल की दुनिया में मददगार साबित हुआ. दैनिक जागरण से शुरू हुआ सफर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, News Nation, ABP और India Ahead होते हुए Z Bihar Jharkhand तक पहुंचा है. बिहार और झारखंड की स्थानीय और राजनीतिक खबरों की विशेष समझ.
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